इंदौर/प्रदीप चौधरी/अंकुल प्रताप सिंह ✍️.।। इंदौर के मालवा मिल-पाटनीपुरा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल पर हुए हादसे में गोलू कुशवाहा की मौत ने शहर को झकझोर दिया है। इस घटना ने न केवल नगर निगम और यातायात पुलिस की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि समाज में इंसानियत की कमी को भी सामने लाया है। हादसे का विवरण और समाज की संवेदनहीनता… गोलू कुशवाहा की बाइक निर्माणाधीन पुल के पास नाले में गिर गई, जहां न तो बैरिकेड्स थे और न ही चेतावनी बोर्ड। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, गोलू शराब के नशे में था और बाइक की स्पीड 100 किमी/घंटा से अधिक थी, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हालांकि, कुछ लोग, जिन्हें समाज अक्सर “नशेड़ी” या “गर्दुल्ले” कहकर तिरस्कृत करता है, ने इंसानियत दिखाते हुए नाले में कूदकर गोलू को बचाने की कोशिश की। उन्होंने उसे बाहर निकाला और एंबुलेंस के साथ रवाना किया। लेकिन दूसरी ओर, कई हट्टे-कट्टे लोग और व्यापारी संघ के कुछ सदस्य सिर्फ वीडियो बनाते रहे, बिना कोई मदद किए। यह घटना समाज में संवेदनशीलता की कमी को दर्शाती है। नगर निगम और यातायात पुलिस की घोर लापरवाही…निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी इस हादसे का प्रमुख कारण रही। शुरुआत में यातायात पुलिस ने चौराहों पर बैरिकेड्स और होर्डिंग्स लगाए थे, लेकिन समय के साथ ये गायब हो गए। इससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए रास्ता खुल गया, जिसके परिणामस्वरूप यह हादसा हुआ। नगर निगम की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। सड़कों को बार-बार खोदा जाता है—पहले सड़क बनती है, फिर ड्रेनेज या नर्मदा लाइन के लिए खोद दी जाती है। शहर में गड्ढों की भरमार है, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। व्यापारी संघ और स्थानीय दुकानदारों की भूमिकामालवा मिल-पाटनीपुरा व्यापारी संघ ने हादसे के बाद दुकानें बंद रखने और नगर निगम को ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था, लेकिन कुछ दुकानें खुली रहीं, जो इस घटना के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाता है। इसके अलावा, शर्मा कचोरी कॉर्नर जैसे स्थानीय दुकानों के पास अव्यवस्थित पार्किंग के कारण ट्रैफिक जाम और पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें एक महिला और एक बच्चे की जान जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अव्यवस्थित पार्किंग पर। SIT जांच और जिम्मेदारी का सवाल.?इस हादसे की जांच के लिए SIT गठित की गई है, जो यह तय करेगी कि गोलू कुशवाहा की मौत का जिम्मेदार कौन है—नगर निगम, यातायात पुलिस, ठेकेदार। सभी पक्षों की लापरवाही इस हादसे में स्पष्ट दिखाई देती है। परिवार के प्रति संवेदना और मांगगोलू कुशवाहा के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, उनके दुख को सहने की शक्ति मिले। नगर निगम से मांग है कि गोलू के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, बल्कि समाज में इंसानियत की कमी को भी उजागर करता है। SIT जांच से उम्मीद है कि दोषियों को सामने लाया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अर्चना तिवारी की तलाश में नर्मदा नदी में डुबकी, 100 घंटे बाद भी GRP को नहीं मिला सुराग स्वाधीनता दिवस: जंगे आजादी में साधु-संत-सन्यासी-फकीर भी नहीं रहे पीछे