भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 1 जून 2025 को चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया, कारण “लोकसेवा में खेदजनक व्यवहार” बताया गया। हटाए गए अधिकारियों में कटनी के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिजीत रंजन, दतिया के SP वीरेंद्र कुमार, चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुशांत कुमार सक्सेना और उपमहानिरीक्षक (DIG) कुमार सौरभ शामिल हैं। यह कार्रवाई कटनी में SP अभिजीत रंजन के खिलाफ दमोह के तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा द्वारा दर्ज शिकायत के बाद हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी पत्नी, कटनी में पूर्व में तैनात पुलिस अधिकारी ख्याति मिश्रा, और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कटनी के महिला थाने में दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। इसके अलावा, दतिया हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह में IG, DIG और SP के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद और भीड़ नियंत्रण में विफलता की घटना ने भी इस निर्णय को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कटनी और दतिया के पुलिस अधीक्षक तथा चंबल रेंज के IG, DIG द्वारा ऐसा व्यवहार किया गया जो लोकसेवा में खेदजनक है। इस कारण मैंने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।” नई नियुक्तियों में सुरज वर्मा को दतिया का SP, अभिनव विश्वकर्मा को कटनी का SP, सचिन अतुलकर को चंबल रेंज का IG और सुनील कुमार जैन को DIG नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई सरकार और पुलिस की छवि को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री के सख्त रवैये को दर्शाती है। महिला अधिकारी के आरोपों पर महिला अधिकारी ख्याति मिश्रा, जो पहले कटनी में पुलिस अधिकारी के रूप में तैनात थीं, के तबादले के बाद उनके पति, दमोह के तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा, ने कटनी के SP अभिजीत रंजन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार, ख्याति मिश्रा के तबादले के बाद उनके परिवार को कटनी के महिला थाने में बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। शैलेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मीडिया को इस मामले की कवरेज करने से रोका, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठे। इस घटना के बाद, शैलेंद्र ने कटनी पुलिस और SP के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SP अभिजीत रंजन सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों—दतिया SP वीरेंद्र कुमार, चंबल रेंज IG सुशांत कुमार सक्सेना, और DIG कुमार सौरभ—को हटा दिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस ने महिला अधिकारी और उनके परिवार के साथ अमानवीय व्यवहार किया, जिसे “लोकसेवा में खेदजनक” माना गया। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स में जनता ने इस कार्रवाई की सराहना की, जबकि कुछ ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में आगे की जांच में और क्या खुलासे होंगे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नगर निगम प्रांगण में पूर्व कर्मचारी वर्तमान में नेता का जन्मदिन मनाया बड़ी धूमधाम से 3 कुंटल गांजा के साथ आरोपी हुआ गिरफ्तार
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