स्वास्थ्य विभाग में परत दर परत घोटाले की खोली जाएगी पोल- कुँवर सिंह रीवा/ रीवा शहर के स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संजीवनी क्लीनिक घोटाला एवं फर्जी नियुक्ति घोटाला की जांच कर कार्यवाही हेतु जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष व किसान नेता कुँवर सिंह पटेल और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने रीवा संभाग कमिश्नर बीएस जामोद को ज्ञापन सौप कर कहा है कि शहरी स्वास्थ्य रीवा अंतर्गत प्रभारी एपीएम मूल पद एमपीडब्ल्यू शिवशंकर तिवारी द्वारा किए गए 21 लाख 3758 रुपए का भ्रष्टाचार व अवैध आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति पर कानूनी कार्यवाही हेतु संलग्न दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रीवा डॉ. संजीव शुक्ला का दिनांक 30 सितंबर 2024 शिकायत पत्र क्रमांक- 24838 प्रतिवेदन के अनुसार शहरी मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक में पदस्थ शिव शंकर तिवारी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक जिला रीवा के द्वारा शहर के संजीवनी क्लिनिक जो की रानी तालाब चोरहटा,चिरहुला मंदिर के पीछे कुठुलिया चिरहुला नगर निगम रीवा में शासन द्वारा प्राप्त बजट 2024-25 बिना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुमोदन के ही फर्जी तरीके से बिल बनाकर आहरित करके खर्च कर दिया गया है। View this post on Instagram जबकि संजीवनी क्लिनिक कुठुलिया में 3,76,493 रुपए, रतहरी में 4 लाख, चोरहटा में 3,98,752 रुपए, संजीवनी क्लिनिक ढेकहा में 96,355 रुपए, चिरहुला मंदिर संजीवनी क्लिनिक में 4,07,490 रुपए, रानी तालाब संजीवनी क्लीनिक में 1,33,328 रुपए, संजीवनी क्लिनिक विश्वविद्यालय में 1,09851 रुपए,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोदाबाग में 3,26973 रुपए, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरी में 5,0000160 रुपए,संजीवनी क्लिनिक पीएम आवास में 1,29040 रुपए के राशि प्रभारी शहरी कार्यक्रम प्रबंधक शिव शंकर तिवारी ने फर्जी बिल वाउचर के माध्यम से बिना मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुमोदन के आहरित करके खर्च कर दिया है। जबकि मध्य प्रदेश शासन के गाइडलाइन के अनुसार बिना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुमोदन के कोई भी व्यक्ति कार्य नहीं कर सकता है बावजूद इसके शिव शंकर तिवारी द्वारा नियम को ताक में रखकर भारी भरकम भ्रष्टाचार किया गया है। जबकि उपरोक्त रसिया संजीवनी क्लीनिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केदो में आई राशि से पूरे वर्ष संस्थाओं का संचालन किया जाना है व मेंटेनेंस जिसमें पानी पीने का आरो,कलर,साफ सफाई रंगाई,पुताई पर ही नहीं रुकी।प्रभारी शहरी कार्यक्रम प्रबंधक शिव शंकर तिवारी द्वारा 12 आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति नियम विरुद्ध तरीके से कराई गई। जिसका प्रतिवेदन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजीव शुक्ला द्वारा 3 सितंबर 2024 को कलेक्टर रीवा को संबोधित जांच प्रतिवेदन में इसमें साफ-साफ लिखित किया जा चुका है कि शिवशंकर तिवारी सहायक कार्यक्रम प्रबंधक जिला रीवा के द्वारा उपरोक्त आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति नियम विरुद्ध किया जाकर भ्रष्टाचार के अनुसार किया गया है। जबकि शिव शंकर तिवारी द्वारा 16 जनवरी 2024 को नोट सेट तैयार कर तत्काली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर के एल नामदेव के समक्ष प्रस्तुत किया था जिसमें के एल नामदेव द्वारा फॉलो थे रूल्स एंड गाइड लिखकर हस्ताक्षर किए थे।लेकिन उपरोक्त नियुक्तियां ना ही किसी अनुमोदन और ना ही नियम के अनुसार की गई है उपरोक्त जांच प्रतिवेदन में साफ-साफ उल्लेखित किया गया है कि एपीएम शिव शंकर तिवारी द्वारा दो डाटा एंट्री ऑपरेटर दो सपोर्ट स्टाफ का नाम जोड़ा गया तथा यह साफ-साफ लिखा गया की तत्कालीन एपीएम शिव शंकर तिवारी प्रभारी लिपि के द्वारा नष्टि में आउटसोर्स कर्मचारी के भर्ती हेतु नियमानुसार नियुक्त किए जाने हेतु लेख कर अर्बन नोडल अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत मस्ती में अर्बन नोडल अधिकारी द्वारा नाम प्रस्तावित करते हुए अनुमोदन एवं आदेश हेतु लिखा गया था। किंतु तत्कालीन एपीएम द्वारा ना ही नष्टि में अनुमोदन लिया गया एवं आदेश को कूटरचित तरीके से पत्रों का संदर्भ देते हुए नियुक्ति आदेश जारी कराया गया जो प्रक्रिया पूर्णता गलत है। उपरोक्त आउटसोर्स कर्मचारी चयन प्रक्रिया में तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. बी एल मिश्रा द्वारा जारी कार्य आदेश में उपयोग में लाया गया था जिससे आदेश के समय उल्लेखित पत्र का अवलोकन ना किया जाना प्रतीत होता है कि यह भी पूर्णता गलत है।इसी प्रकार शिव शंकर तिवारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में अपने प्रकरण भी एक हलफनामे में मूल पद पर एमपीडब्ल्यू पुरुष सुपरवाइजर का उल्लेख किया है और इस प्रकरण में दूसरे हलफनामे में अपना मूल पद शहरी कार्यक्रम प्रबंधक दिखाया है। इससे सिद्ध होता है की प्रभारी शहरी कार्यक्रम प्रबंधक शिव शंकर तिवारी मूल पद एमपीडब्ल्यू पुरुष सुपरवाइजर के द्वारा बिना अनुमोदन के लाखों रुपए की राशि सरकार के नियम के विपरीत निकालकर खर्च की गई। वह 12 आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति नियम विरुद्ध तरीके से की गई एवं माननीय उच्च न्यायालय को दिए गए शपथ पत्रों में अलग-अलग पद लिखकर धोखाधड़ी करने का प्रयास किया गया है।कुंवर सिंह एवं विनोद शर्मा आयुक्त रीवा से आग्रह किया है कि प्रभारी शहरी कार्यक्रम प्रबंधक शिव शंकर तिवारी द्वारा अवैध तरीके से नियम विरुद्ध शहरी संजीवनी क्लिनिको व प्राथमिक स्वास्थ्य केदो पर आहरित रशि 21 लाख 37578 रुपए की राशि का दुरुपयोग एवं अवैध 12 आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति पर कानूनी कार्यवाही करने का आग्रह किया गया अन्यथा कांग्रेस पार्टी रोड पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ग्राम नेदुरा में धारदार हथियार से 70 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या,जांच में जुटी जवा पुलिस मनोहर लाल धाकड़ वायरल वीडियो मामले में ताजा अपडेट: 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