रीवा/ जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष व किसान नेता कुंवर सिंह पटेल और प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि कमिश्नर रीवा सांभग को दिए गए पत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में ज्वाला ग्रामीण विकास स्वरोजगार संस्थान समिति को खंड रीवा के पांच ब्लॉक रीवा, रायपुर कर्चुलियान, सिरमौर जवा और गंगेव अंतर्गत 250 ग्रामों में प्रचार प्रसार नारा लेखन जियो टैगिंग पीआरआई मेंबर का कलेक्टर लेवल प्रशिक्षण देने हेतु 15 मार्च 2022 से जून 2023 तक के लिए एक करोड़ 20 लाख का अनुबंध किया गया था।

निविदा की शर्तों के अनुसार संविदाकार को किए गए कार्य के वीडियो फोटोग्राफ सरपंच सचिव एवं प्रधानाध्यापक आदि से सत्यापित दस्तावेज पंचनामा आदि कार्यालय में जमा करना था किंतु संस्था ज्वाला ग्रामीण द्वारा निविदा शर्तों का पालन न करते हुए रिश्वत देकर राजनीतिक दबाव बनवाते हुए भुगतान को प्राप्त कर लिया है अनुबंध अनुसार दस्तावेज को जमा किए जाने हेतु तत्कालीन कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह द्वारा ज्वाला ग्रामीण संस्था को दस्तावेज जमा किए जाने हेतु पत्र लिखा गया था। संविदाकार द्वारा उपरोक्त दस्तावेज जमा नहीं किए जाने पर कार्यालय द्वारा पुनः अनुबंध अनुसार दस्तावेज जमा किए जाने हेतु ब्लैक लिस्ट एवं भुगतान की गई राशि वसूली किए जाने हेतु भी पत्र लिखा गया परंतु ज्वाला ग्रामीण संस्थान द्वारा दादागिरी दिखाते हुए शासकीय नियमों को नजर अंदाज करते हुए उपरोक्त दस्तावेज कार्यालय में जमा नहीं किए। कार्यालय द्वारा कई बार पत्र जारी किए जाने के बाद भी आज तक दस्तावेज प्राप्त नही है इस संस्था ज्वाला ग्रामीण संस्था द्वारा ना कोई दस्तावेज कार्यालय में दिया गया और ना ही कोई कार्य किया गया है तब विभागीय कर्मचारियों द्वारा संस्थान द्वारा प्रस्तुत किए गए बिल के अनुबंध के नियम एवं शर्तों को टीप के रूप में उल्लेख किया गया जिससे बिल भुगतान रोक दिया गया था।

फलस्वरुप संचालक ने प्रभारी कार्यपालन यांत्रिकी संजय पांडे एवं संभागीय लेखा अधिकारी विकास कुमार साठगांठ करके भुगतान के प्रक्रिया पुनः शुरू कराया गया लेकिन तकनीकी शाखा प्रभारी मान चित्रकार प्रमोद मानव द्वारा भुगतान हेतु चलाई गई नोट सेट में अनुबंध अनुसार दस्तावेज न होने के कारण 17 बिंदुओं की आपत्ति लगा दी गई। नोट सेट की आपत्ति वाली छाया प्रति कमिश्नर साहब को दिए गए आवेदन के साथ लगा दी गई है। संस्थान द्वारा प्रस्तुत सभी उपखंडों के बिल सत्यापन एक ही उपखंड हुजूर के सहाय केंद्रीय सेवानिवृत्ति एसके श्रीवास्तव द्वारा किया गया उक्त कार्य प्रभारी कार्यपालन मंत्री एवं संभागीय लेखाधिकारी के मार्गदर्शन में हो रहा था। तकनीकी शाखा प्रभारी मान चित्रकार प्रमोद मानव द्वारा भुगतान हेतु चलाई गई नोट शीट अनुबंध के अनुसार दस्तावेज न होने के कारण बिंदुओं की आपत्ति हटाने निराकरण के लिए प्रभावी कार्यपालन यंत्री संजय पांडे द्वारा मान चित्रकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था तब मानचित्रकर ने आपत्ति का निराकरण नहीं किया तो प्रभारी कार्यपालन यंत्री ने बौखलाहट में मानचित्रकर को गाली गलौज कर अपमानित भी किया गया है।

अंततः 12 मार्च 2025 को रिश्वत के माध्यम से फर्जी भुगतान कर दिया गया। जबकि संस्थान का कार्य अवधि की समय सीमा जून 23 को समाप्त हो चुकी है और विभाग द्वारा संस्थान को समय वृद्धि का कोई आदेश जारी नहीं किया गया। यह जानते हुए भी प्रभारी कार्यपालन यंत्री संजय पांडे जो अपने आप को ईमानदार बताते है एवं संभागीय लेखाधिकारी विकास कुमार अगले चरण की लगभग 70 लाख की राशि की भुगतान की प्रक्रिया जारी की।  जबकि प्रभारी कार्यपालन यंत्री संजय पांडे का स्थानांतरण सतना हो चुका है कमिश्नर महोदय को कार्यकारी अध्यक्ष कुवर सिंह औऱ विनोद शर्मा ने बताया कि स्थानांतरण के बाद भी भुगतान करने की प्रक्रिया नियम विरुद्ध है अतः तत्काल रोकी जाए जिससे जनता के पैसे की बर्बाद ही ना हो।

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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