आमिर खान।।इंदौर, 23 मई 2025: क्राइम ब्रांच इंदौर ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की रोकथाम के लिए पुलिस उपायुक्त कार्यालय, रानी सराय रीगल स्क्वायर में एक समन्वय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) राजेश कुमार त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया, एसीपी (साइबर) ललित सिकरवार, एसीपी पूनमचंद यादव, उनि कमल माहेश्वरी, विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारी, और क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम शामिल रही। View this post on Instagram प्रमुख बिंदु:1. उद्देश्य: – ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना। – ठगी के शिकार पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करना और फ्रॉड से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करना।2. चर्चा के मुख्य बिंदु: – फर्जी बैंक खातों पर कार्रवाई: साइबर फ्रॉड में उपयोग होने वाले फर्जी खातों पर रोक लगाने के लिए बैंकों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश। यदि बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई, तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी। – वेबसाइट सुरक्षा: बैंकों को अपनी वेबसाइट्स को नियमित रूप से अपडेट करने और साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी जनता तक पहुंचाने का निर्देश। – फ्रीज राशि की वापसी: ठगी पीड़ितों की फ्रीज राशि को कोर्ट के माध्यम से शीघ्र वापस करने में बैंकों से त्वरित सहयोग की अपेक्षा। – ई-वॉलेट और यूपीआई फ्रॉड: ई-वॉलेट और यूपीआई के माध्यम से होने वाली ठगी को रोकने के लिए बैंकों को सावधानी बरतने और वेबसाइट्स में सुरक्षा फीचर्स जोड़ने के निर्देश। 3. आउटकम: – बैंकों के नोडल अधिकारियों ने तकनीकी समस्याओं पर चर्चा की और उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। – साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस और बैंकों के बीच फीडबैक लिया गया, ताकि भविष्य में इन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। निष्कर्ष: यह कार्यशाला साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस और बैंकों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय से ऑनलाइन ठगी के मामलों में कमी लाने और पीड़ितों को शीघ्र राहत प्रदान करने में मदद मिलेगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूछा: मंदिरों में केवल ब्राह्मण ही पुजारी क्यों? सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले: सट्टेबाजी ऐप्स पर नोटिस, रेप मामले में सजा माफी, और जमानत याचिका में देरी पर फटकार