गौरव जैन।। इंदौर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों मैं लगातार गिरते हुए भूजल स्तर देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट आशीष सिंह द्वारा बोरिंग पर 20 मार्च 15 जून तक प्रतिबंध लगाया है जहां इंदौर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसी के द्वारा भी बोरिंग कराया जाता है तो जिला प्रशासन के आदेश अनुसार उसे जुर्माना और 2 साल की जेल भी हो सकती है साथ ही बोरिंग मशीन भी जप्त की जाएगी। View this post on Instagram जल संकट के चलते हैं लगाया गया प्रतिबंध जिले में आगामी ग्रीष्मकाल ने पेयजल संकट की संभावना को दृष्टिगत स्वाते हुए सम्पूर्ण जिले में मध्यप्रदेश पेयजल परिक्षण अधिनियम 1986 के तहत पेयजल से गिन्न अन्य प्रयोजन के लिए नवीन निजी नलकूपों के खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है पेयजल संकट की स्थिति का परीक्षण किये जाने पर यह परिलक्षित हुआ है कि यदि जिले में निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो ग्रीष्म ऋतु में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना है। मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 (अधिनियम) में निहित प्रावधानों के तहत आशीष सिंह, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला इन्दौर, द्वारा अधिनियम की धारा-3 के अन्तर्गत इन्दीर जिले के शहरी एवं ग्रामीण सम्पूर्ण क्षेत्रों को जल आभावग्रस्त क्षेत्र धोषित किया और जिले में निरन्तर भू-जल की गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए अधिनियम की धारा 6 (1) के अन्तर्गत सम्पूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर दिनांक 20 मार्च 2025 से 15 जून 2025 तक प्रतिबंध लगाया गया है केवल रजिस्टर्ड एजेन्सीयों के द्वारा ही नियम एवं शर्तों के अधीन रहकर बोरिंग करने की अनुमति रहेगी साथ ही शासकीय योजनाओं में यह प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बीजेपी के इशारे पर मान सरकार ने किसान आंदोलन का किया दमन-एसकेएम खनन माफिया के हौसले बुलंद, प्रतिबंध के बावजूद कर रहे थे नलकूप खनन,,, पुलिस की तत्परता से गाड़ी जप्त.