औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के नागपुर के महाल इलाके में दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले चलाने पड़े। वहीं भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने मौके पर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के प्रदर्शन के दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद वहां हिंसा भड़क गई। बीते कुछ दिनों से हिंदुत्वादी संगठनों की तरफ से छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग तेज हो गई है। सोमवार को भी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी पुतले के पास प्रदर्शन किया था। इसी बीच शाम होते-होते ऐसी अफवाह फैली कि मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाया गया है, जिससे पूरा इलाका सुलग उठा। View this post on Instagram नागपुर में हुई हिंसा की वजह थी एक अफवाह। अफवाह थी कि कुछ लोगों ने एक धार्मिक किताब को जला दिया है। यह अफवाह उस प्रदर्शन के दौरान फैली, जो दक्षिणपंथी समूहों ने किया था। वे औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग कर रहे थे। इस हिंसा में कई गाड़ियां जला दी गईं। दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठी चार्ज करना पड़ा, तब जाकर स्थिति काबू में आई। नागपुर हिंसा के पीछे की असली वजह अफवाहें थीं। संभाजी नगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग करने वाले एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला देने की अफवाह फैल गई। यह विरोध प्रदर्शन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे समूहों द्वारा आयोजित किया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर कलमा लिखा कपड़ा जला दिया था। वे औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग कर रहे थे। इससे मुस्लिम समूहों में व्यापक आक्रोश फैल गया। अफवाह के बाद मध्य नागपुर में तनाव हो गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया। हिंसा में चार लोग घायल हो गए। पुलिस को पथराव और आगजनी के बाद बिगड़ी कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। नागपुर की हिंसा पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंगल ने कहा कि इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। धारा 144 एक कानून है। यह कानून सरकार को किसी जगह पर लोगों के इकट्ठा होने से रोकने की शक्ति देता है। अगर धारा 144 लगी है, तो उस जगह पर चार या उससे ज्यादा लोग एक साथ नहीं खड़े हो सकते। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में हिंसा को लेकर पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने के लिए कहा है। फडणवीस ने कहा कि नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की, यह गलत है। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उसे उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बताया कि कुछ लोग उनसे मिलने के लिए कार्यालय पर आए थे। उन्होंने एक तस्वीर को जलाए जाने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सिंघल ने बताया इसी घटना को लेकर लोग जमा हुए थे। रात 8-8.30 बजे के आसपास पथवराव और दो वाहनों में आग लगाई गई। पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी है। सभी को कहा गया है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें। इस क्षेत्र को छोड़कर, पूरा शहर शांतिपूर्ण है। वहीं इस हिंसा के चश्मदीदों ने पूरी घटना के बारे में बताया है। उन्होंने बताया कि वो हंसपुरी इलाके में ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वहां आए थे। उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। उनके हाथों में हथियार थे। उन्होंने दुकानों में तोड़फोड़ की। उन्होंने पत्थर भी फेंके। कुछ गाड़ियों को भी जला दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 59 छात्राओं का यौन शोषण कर बनाया वीडियो प्रोफ़ेसर ने 286 दिन बाद पृथ्वी पर वापस आएंगी सुनीता– स्टारलाइनर में खराबी, अंतरिक्ष से अटकी वापसी