नारी शक्ति के हाथों में बेटमा क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, राजस्व, विकास व राजनीति की कमान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर स्पेशल स्टोरी बेटमा इंदौर । बेटमा (राहुल देवड़ा) :- एक समय था जब महिलाएं घर की चहारदीवारी नहीं लांघ सकती थी लेकिन अब वे घर ही नहीं बल्कि दफ्तरों की कमान संभाल रही हैं। बेटमा प्रदेश की संभवत : एक मात्र उपतहसील है जहां तहसीलदार से लेकर सीएमओ, थाना प्रभारी, स्वास्थ्य अधिकारी, शिक्षा अधिकारी व नगर परिषद् अध्यक्ष तक महिला है। अधिकांश विभागों में नारी शक्ति नेतृत्व कर रही हैं। बेटियों को बोझ समझने वाले लोगों को बेटमा में कार्य रही बेटियों से सीख लेना चाहिए। यहां अधिकांश विभागों की प्रमुख महिला हैं। ऐसी महिलाएं जो सामान्य परिवार से आई और शासन-प्रशासन के उच्च पदों पर हैं। राजस्व विभाग नवागत अपरतहसील पूजा सिंह चौहान ने आते ही क्षेत्र का निरीक्षण किया । पहले दौरे में कुछ को नोटिस दिए तो कुछ पर कार्रवाई की। कसावट से राजस्व बकायदारों में हड़कंप हैं। यही कार्यशैली हाल ही में चार्ज लेने वाली थाना प्रभारी मीना कर्णावत की भी है। थाना प्रभारी ने चार्ज लेते ही गुंडे बदमाशों की क्लास ली है और अपराधियो पर नकेल कसने कार्य कर रही है। सीएमओ रंजना गोयल ने शहरभर की समस्या को नापने का अभियान शुरू किया है नगर की स्वच्छता को लेकर विशेष रूप से कार्य कर रही है। और उनका साथ देते हुए नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शशि जायसवाल ने क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी समालते हुए नगर को आदर्श रोड़ और फिलमिलती रौशनी की सौगात दी और नगर में को विकास के पथ पर अग्रसर कर रही है। बेटमा स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ममता मंडलोई ने बेटमा स्वास्थ्य केंद्र की कमान संभाली और लोगों को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविध मोहिया करा रही है उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र को ही अपना आशियाना बना कर क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बेहतर काम कर रही है। बेटमा महाविद्यालय में प्रिंसिपल श्रीमती सीमा सोनी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों को शिक्षा के लिए जागरुक कर उन्हे अपनी पढ़ाई जारी रख कर अपने करियर को आगे बढ़ाने में सहायक बनी है ।। आज का दिन महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्षों और समाज में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है. महिलाएं न केवल परिवार की रीढ़ होती हैं, बल्कि वे देश, समाज और दुनिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.आज महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रही हैं- चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो, राजनीति हो या फिर खेल..लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अभी भी महिलाओं को समान अधिकारों लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. इस महिला दिवस पर, हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम महिलाओं का सम्मान करेंगे, उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे एक सशक्त नारी, एक सशक्त समाज की पहचान है । हमारे वेदों में भी कहा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ अर्थात, जहां स्त्रियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते है इसी को हम अपना प्रेरणा स्रोत बनाकर महिलाओं के लिए एक अच्छे समाज का निर्माण करें “इस दुनिया की शान है नारी शक्ति का अवतार है, ईश्वर की शक्ति है नारी आंगन की मुस्कान है नारी” महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी रहे महिलाओं का एक महत्वपूर्ण योगदान है समझ में मां बेटी और पत्नी के रुप में उनका सम्मान सर्वपरी है । समाज और परिवार में महिलाओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिले और न केवल वह आर्थिक रूप से सक्षम हो बल्कि वह डिसीजन मेकिंग बने और इसका एकमात्र आधार शिक्षा है ग्रामीण क्षेत्र में जो लड़कियों का जल्दी विवाह कर दिए जाते हैं जिसके कारण वह शिक्षित नहीं हो पाती है जब हमारे देश का आधा हिस्सा पिछड़ा होगा तो हमारा समाज हमारा देश विकसित नहीं हो पाएगा । लड़कियों को जो घर गृहस्ती की जल्दी जिम्मेदारी दी जा रही हैं ऐसी सोच को बदलना होगा ताकि हर परिवार की लड़की आगे बड़े जब तक जाकर हमारा देश विकसित होगा। सारी महिला शक्तियों को प्रणाम है और इस संस्था में सारी महिला शक्ति ही विराजमान है जितने भी डॉक्टर हैं अधिकारी है सिस्टर है ए.एन.एम है सारी महिला शक्ति है और पूरी शिद्दत के साथ महिलाओं बच्चों और सभी का उपचार करते हैं और सारी सुख सुविधाएं देते हैं और हम चाहते हैं कि भविष्य में भी इसी तरह लोगों की सेवा करते रहे और उन्हें सुख सुविधा देते रहें । View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड चेयरमैन डॉ सनवर पटेल एक दिवसीय दौरे पर. सिरमौर नगर विकास समिति मंच की THP में प्रथम बैठक हुई सपंन्न