मोहम्मद शहीद…. इन्दौर बीते चोबीस घण्टों में दो हत्या और कई चुटमूट घटनाएं घटी लेकिन आलाकमान कमीशन्नर संतोष कुमार सिंह की खामोशी साफ़ तौर पर नजर आईं किसी भी मोके मुयाने पर वह जमीनी स्तर पर नज़र नहीं आएं मानों ऐसा लगता है की जो संतोष कुमार सिंह को इन्दौर याद रखता था वह यह संतोष कुमार सिंह नहीं नज़र आ रहे हैं जैसे संतोष कुमार सिंह के नाम और कार्य से अपराधियों के पसीने छूट जाते थे आज उनके कमीशन्नर होते हुए भी अपराधो में कोई कमी नहीं नज़र आती दिखाई दें रहीं हैं क्या ये वहीं प्रशासनिक शेर संतोष कुमार सिंह है जिनकी दाहड से अपराधियों की पतलून गीली हो जाती थी और सभी नेताओं के फोन लगाने की हिम्मत खत्म हो जाती थी आज इनके कार्यकाल में नशा तो नशा आनलाइन कैसिनो सट्टा भी शहर मै बढ़ता जा रहा है और अपराध रूकने थमने का नाम तक नहीं है क्या इन्दौर मै कानून व्यवस्था नी के माफिक बचीं है महीला असुरक्षित और युवा नशे सट्टे के दल-दल मै फंसते चले जा रहे हैं मां अहिल्या की नगरी कैसे अपराधियों की नगरी बन रही हैइन्दौर को अपना पसंदीदा शहर सपनों की नगरी कहने वाले सभी नेता इस वक्त क्यों ख़ामोश हैं सभी जिम्मेदारों की खामोशी बड़े सवाल खड़े कर रहीं हैं अमन शांति के टापू पर माफियाओं की छाया पड़ रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन किनारा ना किया… BSF के ऑफिसर्स ने इंदौर पुलिस की साइबर पाठशाला में, साइबर अपराधों का ज्ञान लेकर, सीखें डिजिटल लाइफ को सुरक्षित रखने के उपाय।