एक और फरियादी को जेल हो गई,चिखने-चिल्लाने का हो गया था मेल।मांगी थी जो मदद निकल गया तेल,मदमस्त नौकरशाही का हैं यह खेल!इनके आगे अच्छे-अच्छे हो जाते फैल।एक और फरियादी को जेल हो गई,चिखने-चिल्लाने का हो गया था मेल।गुनाह ही हो गया है फरियाद करना,बस आपा मत खोना ये याद रखना!पीड़ित “रचना” के लिए दुआ करना।एक और फरियादी को जेल हो गई,चिखने-चिल्लाने का हो गया था मेल।देश में मदद के बजाय मिलती है जेल,भयाक्रांत है जनता हो गया घालमेल!सुनो सरकार क्या सिस्टम हुआ फेल।(संदर्भ : रचना मौर्य पहुंच गई जेल।)संजय एम. तराणेकर(कवि, लेखक व समीक्षक)इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)मो. 98260-25986 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने परीक्षा परिणाम को लेकर प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन इंदौर पुलिस की देर रात्रि की कार्यवाही