सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को ग्रामीण समाज विकास केंद्र का समर्थन बाल सशक्तिकरण में नवपीढ़ी के युवाओं की अहम भूमिका: सीडीओ News National World/बागपत/ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली से ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके अंतर्गत बागपत जिले में ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ एलायंस के सहयोग से ग्रामीण समाज विकास केंद्र द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर बाल विवाह मुक्त बागपत की दिशा में जागरूकता फैलाई गई। इस क्रम में बागपत के गोल्डन गेट इंटरनेशनल स्कूल में एक जागरूकता संगोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नीरज कुमार श्रीवास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह मुक्त बागपत के मिशन के एंबेसडर बनकर गांव-गांव में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने अभियान के प्रति युवाओं को प्रेरित करते हुए शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर 500 से अधिक युवाओं ने बाल विवाह मुक्त बागपत के विजन को साकार करने का संकल्प लिया। जिला युवा अधिकारी अरुण तिवारी ने युवाओं को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ और ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल की जानकारी देते हुए इस पहल से जुड़ने का आह्वान किया। ग्रामीण समाज विकास केंद्र के अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस’ देशभर के 400 से अधिक जिलों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कार्यरत है, जिसमें 250 से अधिक गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही बागपत के सभी विकासखंडों में टीम गठित कर विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे, जो बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर केंद्रित होंगे। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक सुधीर कुमार, निदेशक सन्नी दहिया, और प्रधानाचार्य सुमित चौहान ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए सामाजिक विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। डीएसपी अनिल कपरवान, लेबर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, और एसएचओ दीक्षित त्यागी ने साइबर अपराध और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित जानकारी साझा की और युवाओं को बाल सशक्तिकरण का एंबेसडर बनने का आह्वान किया। इस दौरान महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, यूनिसेफ इंडिया के यूथ एंबेसडर और माय भारत यूथ लीडर अमन कुमार ने सतत विकास लक्ष्यों और उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को प्रेरित किया। ग्रामीण समाज विकास केंद्र के निदेशक मेहरचंद ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बाल विवाह के उन्मूलन के लिए शुरू किया गया यह अभियान दर्शाता है कि सरकार इस सामाजिक बुराई के प्रति गंभीर है। आज भी देश में 23% लड़कियों का बाल विवाह होता है, जो उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। सरकार के इस अभियान में सभी हितधारकों को साथ लेकर चलने की योजना है। ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ इस अभियान में पूर्ण रूप से सहयोग कर रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में सुषमा त्यागी, दानिश मलिक, पंकज, यशपाल सिंह, सरिता सिंह, रमा वर्मा मौजूद रहे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नाला टैपिंग हो चुके, सरकार से नगरनिगम को अवार्ड भी मिला फिर कैसे मासूम बच्चों की हो रही मौते।।। ग्राम देवी माता मंदिर अतरैला में तीन दिन से पड़ी है गौमाता की लाश
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