इंदौर। हरदा फैक्ट्री हादसा। बेबाक कलम अंकुल प्रताप सिंह ✍️ पीड़ित परिवारों को भगवान सहनशक्ति दे इस दुख को सहने के लिए। अपने परिजनों से बिछड़ा गए उनके गम को कम करने के लिए । उन सभी को जो इस हादसे में अपनी जान गवाई उन सभी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं….💐💐💐💐 नी शब्द हूं,,,, क्या लिखूं ,किसको लिखूं , किसके खिलाफ लिखूं , कौन है इन सब के पीछे जिम्मेदार और किसे ठहराऊं इस हादसे से का जिम्मेदार..? फिर भी लिखना पड़ रहा है बड़े ही दुख के साथ की हादसा होने के बाद आंखें खुलती है तो कुछ कहा ही नहीं सकता मैं… इंदौर में इससे पहले भी दिवाली के समय सड़कों में लगी पटाखे की दुकानों में कई बड़े-बड़े हादसे हो चुके हैं पर अधिकारी है कि सबक लेने का काम नहीं करते मैंने देखा कि 22 जनवरी ऐतिहासिक दिवस के रूप में जब मनाया जा रहा था तब भी सड़कों पर ही पटाखे की दुकान सजी हुई थी, क्या उस समय बड़ा हादसा नहीं हो सकता था..? हो सकता था क्योंकि बारूद के ढेर को एक छोटी सी चिंगारी की आवश्यकता होती है। इन दुकानों को अनुमति मिल गई, चलिए वह दिन तो कुछ नहीं हुआ पर कुछ दिनों बाद जो हुआ उससे नी शब्द हो गया हूं….✍️अब बात करते हैं पटाखा फैक्ट्री की आज दोपहर मंगलवार में जब खबर मेरे सामने आई तो जो दृश्य देखा वह दिल को झकझोर कर रख दिया। यह मैं मेरी कोई बात नहीं कर रहा हूं सभी की कर रहा हूं जिसने भी वीडियो को दिखा वह हैरान रह गया कि आखिर हुआ कैसे.? क्या हो गया ? कितनी मौते हुई है.? कितने लोग घायल हुए हैं.! कितने ही अपने परिजनों से दूर हुए.? यह सब सवाल मन में उठने लगे। क्या कारण रहा होगा की पटाखा फैक्ट्री में इतनी भीषण आग लगी और आग लगते ही धमाके के साथ कई लोगों की जान भी चली गई। विचार तो बहुत आया की क्या सरकार इतनी निठुर हैं की बिजनेसमैन के दबाव में रहती हैं। क्या उनको कहीं भी फैक्ट्री स्थित करने का लाइसेंस दे देती है। रहवासी क्षेत्र किसानों की खेती, घर परिवार सब कुछ आज कई लोगों ने जान गवाई है। कितनों की जान चली गई है और कितने ही इलाज के लिए लाइन पर लगे हुए हैं। जांच तो चलती रहेगी पर जो गए उनका क्या। सरकार अब आपको मुआवजा दे देगी , लेकिन साहब मुआवजे से होता क्या है , फैक्ट्री मालिक को सजा कौन देगा इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई और इतना बड़ा हादसा आंखों के सामने देखने के बाद क्या कोई चंद रुपियो के लिए अपने आशु पोछा लेगा और अपने परिजनों के साथ जो हादसा हुआ भूल जाएगा। यह हादसा भोपाल गैस कांड की याद दिलाता है वहां भी इसी प्रकार का गैस कांड हुआ था देखते ही देखते पूरा गांव शमशान घाट बन गया था। पर साहब यहां ऐसा कुछ भी नहीं है अभी भी वक्त है ऐसी कई फैक्ट्रियां हैं जिनमें अवैध रूप से अधिकारियों के संरक्षण से चलाई जा रही है। इन पर रोक लगनी चाहिए इन पर कार्यवाही होनी चाहिए वह भी निष्पक्ष क्योंकि जब कोई हादसा होता है तभी शासन और प्रशासन की आंखें खुलती है। अगर हादसे होने से पहले ही आंखें खुल जाती तो शायद यह हादसा ही ना होता पर तब बड़े बिजनेसमैन बड़ी-बड़ी बातें करके आपकी आंखों पर लालच की पट्टी बांध देते हैं। फिर वही लालच फलता और फूलता है और आगे चलकर जब फल पेड़ से अलग होता है तब इसी तरह का हादसा सामने होता है। अब अगर बात करें हरदा में जिस पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ, उसके मालिक की तो राजीव अग्रवाल इस फैक्ट्री के मालिक हैं उनका अवैध साम्राज्य ढाई सौ एकड़ में फैला हुआ है, और फैक्ट्री के आसपास सैकड़ो लोग निवास करते हैं।राजीव अग्रवाल की बात करें तो प्रशासन ने ही उसे फैक्ट्री चलाने की अनुमति दी थी। वही राजीव अग्रवाल के खिलाफ कांग्रेस का आरोप है कि राजीव न्यायालय द्वारा दंडित किया गया था इसके पहले हुए फैक्ट्री में हादसे के लिए। हरदा की पटाखा फैक्ट्री में धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है वही अभी भी कई लोग घायल बताए जा रहे है। फैक्ट्री ब्लास्ट में प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार बिना अनुमति के चला रही थी फैक्ट्री राजीव अग्रवाल पर कांग्रेस का बड़ा आरोप भी है , कि दोनों फैक्ट्री बिना परमिशन के चल रही थी । फैक्ट्री में 2 साल पहले भी हुआ था हादसा जिसमें तीन लोगों की जान गई थी इसके बाद लोगों ने कलेक्टर से 4 से 5 बार शिकायत भी की थी पर शिकायतों को नजर अंदाज कर दिया गया था अगर आज इन शिकायतों को अधिकारी नजर अंदाज नहीं करते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। फैक्ट्री मलिक के बारे जानकारी सामने आई है की रंगदारी भी करता है। वहां के निवासियों के मुताबिक फैक्ट्री मालिक राजीव बाहुबली छवि भी रखता हैं। प्रशासन से अच्छी पकड़ भी है जिसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता और मनमाने ढंग से फैक्ट्री संचालित की जाती थीं। राजीव अग्रवाल की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई….फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद से ही पटाखा फैक्ट्री मालिक राजीव अग्रवाल अपने भाई परेश अग्रवाल के साथ लापता है। घर पर लगा हुआ है ताला परिजन भी हैं घर से दूर। इस हादसे में भोपाल गैस कांड की यादें ताजा कर दी। राजीव अग्रवाल करीब 20 साल से इस फैक्ट्री का संचालन कर रहा था। मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट्री मालिक ने आसपास के घरों में बारूद का अवैध भंडारण भी कर रखा था। वहीं (SDM) एसडीएम ने बताया की फैक्ट्री फिट नहीं थी इसलिए हादसा हुआ और अपनी बात को खत्म करते हुए मामले की जांच की जा रही कहकर खत्म कर दिया। शायद इसे ही कहते हैं गोल-गोल जवाब देना..!फैक्ट्री में धमाके के बाद से ही शासन प्रशासन का अमला एक्टिव नजर आया , पर अगर घटना की मुख्य बात करें तो प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हो रही। पटाखा फैक्ट्री की अनुमति और उसके गोदाम नगर के बाहर क्षेत्र में होने चाहिए थे पर आवासी क्षेत्र में कैसे बने..?वही मिली जानकारी के अनुसार यह भी सामने आया कि कुछ वर्षों पहले भी इस प्रकार का हादसा हो चुका था। जिसके बाद मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद न्यायालय के द्वारा सजा भी दी गई थी। वही नागरिकों का कहना है की फैक्ट्री यहां के बैरागढ़ क्षेत्र में संचालित थी और कई श्रमिक कार्य करते थे पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री फैक्ट्री के आसपास बाने गोडाउन में रखी हुई थी। सवाल यह भी खड़ा होता है कि जिला मुख्यालय पर आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की फैक्ट्री संचालित करने के लिए प्रशासन ने कैसे अनुमति दी.?क्या फैक्ट्री वैद्य अनुमति के तहत संचालित की जा रही थी..?अगर अनुमति नहीं दी गई थी तो किसके साथ क्षण में रहवासी क्षेत्र में फैक्ट्री संचालित की जा रही थी.?मिली जानकारी के अनुसार दिन में लगभग 11:30 बजे विस्फोट हुआ और आग लगने की घटना के कारण आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में कंपन भी महसूस हुआ। दुर्घटना स्थल के आसपास विस्फोट, जिसके कारण सड़क पर भगदड़ भी मच गई थी। वहीं प्रशासन दोपहर 2:00 बजे 6 लोगों के मरने और 60 से अधिक लोगों की घायल होने की बात बताई थी। हरदा पटाखा फैक्ट्री विस्फोट कांड के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ…..पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होते ही भागने वाले युवक ने बताया की एक हज़ार पटाखे बनाने पर मिलते थे केवल दो सौ रुपये.आठ से दस साल के बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।घायल मजदूरों ने बताया कि 250 से ज्यादा लोग होंगे फैक्ट्री में…! Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रतलाम जावरा एसडीम का वीडियो वायरल किसानों को गाली देते हुए. कॉलोनीनाइजर विधि मिश्रा और कांग्रेस नेता द्वारका शारदा के चक्रव्यूह में फंसे पीड़ित प्लाट धारक,,, जिंदगी की पूंजी लगा दी सपनों के आशियानो में.