सचिव प्रतिमा उरमलिया के ऊपर पूर्व में भी पुरौना,अकौरी और बरौली ठकुरान में भ्रष्टाचार करने के लग चुके है आरोप।जिला पंचायत कार्यालय रीवा से लाखो के राशि की बसूली हेतु भेजा जा चुका है नोटिस।खंड पंचायत अधिकारी के जांच में दोषी पाई गई सचिव प्रतिमा उरमलिया। जवा.. कुशमेन्द्र सिंह…मामला रीवा जिले के जवा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौली ठकुरान से सामने आया है जहा के सरपंच प्रकाश सिंह ने ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती प्रतिमा उर्मलिया के विरूद्ध जनपद पंचायत जवा सीईओ को शिकायत प्रस्तुत किया है जिसमें कार्यालय द्वारा पत्र जारी कर सचिव से जवाब चाहा गया लेकिन जवाब समाधान कारक न होने के कारण खण्ड पंचायत अधिकारी इंद्रमोहन मिश्रा से शिकायत का परीक्षण कराया गया, जिसमें पाया गया कि नाली निर्माण मल्लाहटी तिराहा से पुलिया की ओर मनरेगा योजनान्तर्गत स्वीकृत की गई है जिसका स्वीकृति दिनांक सरपंच के प्रतिवेदन अनुसार दिनांक 06.06.2023 को कार्य प्रारंभ किया गया चूंकि मनरेगा के कार्य प्रारंभ एवं सत्यापन के पश्चात सामग्री का भुगतान किया जाता है जिसमें सरपंच के आवेदन अनुसार दिनांक 17.06.2023 को बिल क्रमांक 641, 642, 643, 644 के मनरेगा पोर्टल पर जय बसामन मामा इन्टरप्राइजेज के नाम से फीड किए गये। उक्त नाली निर्माण में सचिव श्रीमती प्रतिमा उरमलिया द्वारा बिल क्रमांक 643, 644 को दिनांक 01.06.2023 बैकडेट डालकर हरिओम ट्रेडर्स के बिल क्रमांक 265 पर 178196.100 रुपये तथा बिल क्रमांक 266 पर 186816.00 रुपये अपनी सचिव आई०डी० से दिनांक 01.06.2023 डालकर फीड कर दिया गया जिसका भुगतान नहीं हुआ है। परन्तु बिल को फीड करना अनैतिकता प्रदर्शित करती है।जबकि शिकायत होने पर सचिव द्वारा दिए गये जवाब में लिखा गया है कि मूल्यांकन सत्यापन न होने से अनैतिक तरीके से सरपंच द्वारा राशि का दुरूपयोग कर भुगतान करने की स्थिति में मेरे द्वारा फीड करने की कार्यवही की गई। तथा इसी बिन्दु में सचिव का लेख है कि मूल्यांकन सत्यापन न होने के कारण ये कार्यवाही की गई है ऐसी स्थिति में सचिव बसामन मामा ट्रेडर्स के बिलों पर भुगतान पर रोक लगाई जा सकती थी लेकिन उनको डिलीट कर अपना बिल फीड करना संदेह के दायरे में आता है । जिसकी पुष्टि खंड पंचायत अधिकारी जवा द्वारा की गई है कि सचिव प्रतिमा उरमलिया द्वारा फर्जी बिल वाउचर लगाकर अनैतिक तरीके से राशि हड़पने की कोशिश की गयी है उन्होंने लेख किया है कि सरपंच/सचिव के तालमेल इस कृत्य के बाद संभव नही है ऐसी परिस्थिति में विकास कार्य एक हितग्राही मूलक कार्य प्रभावित होंगे। इस बजह से ग्राम पंचायत बरौली ठकुरान से सचिवीय कृत्य से पृथक कराकर जनपद कार्यालय में सम्बद्ध कराया जाना उचित होगा।सवाल यही कि ऐसे भ्रष्ट सचिव को बार बार ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी क्यो दी जा रही है ? जबकि फर्जी मार्कशीट से नौकरी हाशिल करने के मामले में पहले से ही कोर्ट में मामला विचाराधीन है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कम्पोजिट मदिरा दुकान बरौली के कारोबारियों के आगे नतमस्तक है आबकारी विभाग रीवा आम आदमी पार्टी का चुनाव नहीं लड़ने का मैसेज हुआ वायरल आप के पदाधिकारी ने मैसेज को फर्जी बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से कांग्रेस और बीजेपी का सामना करते हुए मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान में लड़ेगी चुनाव