इन्दौर । दलित समाज जुल्म, ज्यादती और शोषण का शिकार होकर आज भी अपने हक और संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त नहीं कर पाया है, आम्बेडकर सेना का गठन सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने के उद्देश्य से किया गया है। सेना का शपथ विधि समारोह एवं दलित वर्ग के 12 समूहों के अध्यक्षों का सम्मान शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वप्निल कोठारी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। समारोह की अध्यक्षता आम्बेडकर सेना के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण “लच्छु” मिमरोट ने की। इस मौके पर 12 समाजों के अध्यक्ष वाल्मिकी समाज से लेखराज नरवले, बौद्ध समाज के सचिन वाघ, धनगर समाज के अशोक काले, महावर कोली समाज से प्रकाश महावर कोली, रविदास मराठा समाज से मुकेश शेकोकर, महाराष्ट्रीयन कोली समाज से अशोक वाघमारे, शाक्य कोरी समाज से बालकिशन शाक्य आदि को शाल, श्रीफल एवं तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि स्वप्निल कोठारी ने बाबा साहेब के संघर्षमयी जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने कड़े संघर्ष के बीच अनेक प्रताड़नाएं झेलते हुए शिक्षा ग्रहण की। श्री कोठारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यहां आम्बेडकर सेना ने 12 प्रमुख समाजों के अध्यक्षों का सम्मान कर मैं अभिभूत हूं, इन सभी अध्यक्षों से आग्रह है कि वे प्रत्येक समाज से दो-दो शिक्षित युवा मुझे दें, इनमें से मैं 12 को वकील और 12 को पत्रकारिता का कोर्स अपने खर्च पर करवाऊंगा ओर स्वयं भी दो घंटे उन्हें पढ़ाने का काम करुंगा।स्वागत भाषण संयोजक रमेश घाटे ने दिया। संचालन अनिता बैरवा ने एवं अंत में आभार संयोजक भरत जीनवाल ने माना। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन शहडोल में ईमानदारी की मिसाल: एटीएम मशीन में मिले 3 हजार रुपये बैंक को लौटाया, हो रही सराहना नगरपालिका शहडोल में आगजनी: शार्ट सर्किट से घटी दुर्घटना, मौके पर मौजूद फायर कर्मी ने बुझाई आग