कटनी। बहुचर्चित जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपी करीब दो माह बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूर्व में घोषित 10 हजार रुपये के इनाम को अब बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके बावजूद एसआईटी अब तक तीनों आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी आरोपी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पहले कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब जबलपुर रेंज के डीआईजी अतुल सिंह ने इनाम की राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी है। डीआईजी ने टेलीफोन पर इसकी पुष्टि की है। तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं कटनी जिला न्यायालय से पहले ही खारिज हो चुकी हैं। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी तीनों आरोपियों की कोई अग्रिम जमानत याचिका फिलहाल विचाराधीन या लंबित नहीं है। इसके बावजूद करीब दो माह से उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हाईकोर्ट में दायर हुई रिट याचिका आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका WP/36337/2026 दायर की है। याचिका में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। 82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में कराने का आरोप मामला हत्या के आरोपी की बेशकीमती जमीन की कथित सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने जिम्मेदार पद पर रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर करीब 82 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की जमीन को दबाव बनाकर महज 18 लाख 20 हजार रुपये में अपने करीबियों के नाम करवाया। जांच के बाद भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 19 अगस्त को कुठला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सोशल मीडिया की अमर्यादित भाषा से सामाजिक बिखराव का खतरा : सांसद आलोक शर्मा शराबी पति की धमकी से डरी पत्नी ने की हत्या, सिर पर वार कर दबाया गला