जीवाजी और रीवा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु को राज्य सरकार ने सौंपी जिम्मेदारी, तीन वर्ष रहेगा कार्यकालभोपाल। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मध्यप्रदेश निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) अधिनियम, 2007 के तहत मध्यप्रदेश प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के पुनर्गठन का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार ने जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर और रीवा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है।इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव जयेन्द्र कुमार विजयवत के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार समिति में अध्यक्ष के अलावा विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सचिव/अतिरिक्त सचिव, वित्त विभाग के सचिव/अतिरिक्त सचिव अथवा उनके द्वारा नामांकित अधिकारी तथा संचालक, चिकित्सा शिक्षा को सदस्य बनाया गया है।वहीं, संचालक/अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा को समिति का सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है। समिति का गठन निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया के विनियमन तथा शुल्क निर्धारण से संबंधित वैधानिक कार्यों के लिए किया गया है।तीन वर्ष का रहेगा कार्यकालसामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार नवगठित समिति का कार्यकाल 16 सितंबर 2026 से तीन वर्ष रहेगा। इस अवधि में समिति अधिनियम के प्रावधानों के तहत निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं से संबंधित प्रवेश और शुल्क निर्धारण के मामलों पर कार्य करेगी।डॉ. राजकुमार आचार्य के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से घायल को समय पर मिला उपचार मध्यप्रदेश या मौतों का प्रदेश नक्सलियों के नाम पर नाकामी छुपाने की कोशिश