लेखक: डॉ. जेम्स पाल, सामाजिक कार्यकर्ता, इंदौर….इंदौर। बहुमंजिला इमारतों और आवासीय सोसायटियों में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जेम्स पाल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को जनहित प्रतिनिधित्व भेजकर राज्यभर में एक समान लिफ्ट सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की है।डॉ. पाल के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे वे इंदौर स्थित अपनी आवासीय सोसायटी की लिफ्ट में फंस गए थे। उनके अनुसार, इस दौरान उन्हें अत्यधिक घबराहट और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। चिकित्सकीय जांच में पल्स 100 प्रति मिनट और ब्लड प्रेशर 170/110 mmHg दर्ज किए जाने का उल्लेख प्रतिनिधित्व में किया गया है। चिकित्सकीय assessment में Acute Stress Reaction with Anxiety एवं Situational Fear का भी उल्लेख किया गया है।केवल मेंटेनेंस नहीं, सुरक्षा का विषयडॉ. पाल ने कहा कि लिफ्ट में किसी व्यक्ति के फंसने की स्थिति को केवल maintenance issue के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी की स्थिति में लिफ्ट के भीतर फंसे व्यक्ति के लिए तत्काल communication और rescue व्यवस्था उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।इन व्यवस्थाओं को अनिवार्य करने की मांगप्रतिनिधित्व में प्रत्येक हाईराइज आवासीय परिसर में लिफ्ट एवं इमरजेंसी सिस्टम के लिए DG/Generator backup, automatic change-over, emergency lighting, emergency alarm और intercom जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य करने की मांग की गई है। साथ ही कॉमन सर्विसेज एवं बैकअप के लिए सौर ऊर्जा व्यवस्था को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है।इसके अलावा 24×7 सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था, अधिकृत एजेंसी से नियमित safety audit, compliance records का रखरखाव और लिफ्ट में व्यक्ति फंसने की स्थिति के लिए लिखित Emergency SOP तैयार करने की मांग की गई है। नियमित mock drill और emergency systems की testing पर भी जोर दिया गया है।पुरानी हाईराइज इमारतों का भी हो सेफ्टी ऑडिटडॉ. पाल ने इंदौर के साथ भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित प्रमुख शहरों की मौजूदा एवं पुरानी हाईराइज इमारतों में चरणबद्ध safety audit कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन केवल नई इमारतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी सोसायटी या संबंधित एजेंसी को लिफ्ट में बार-बार आने वाली समस्या की जानकारी होने के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते और बाद में कोई गंभीर दुर्घटना होती है, तो लागू कानून के तहत जिम्मेदारी तय कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।राज्य स्तर पर बने एक समान प्रोटोकॉलप्रतिनिधित्व में राज्य सरकार से Uniform State-Level Minimum Lift Safety & Emergency Response Protocol तैयार करने तथा ऊर्जा विभाग एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में इसका पालन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही डॉ. पाल ने अपने प्रतिनिधित्व पर की गई कार्रवाई की Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराने की मांग भी की है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महू में गोदाम की ग्रिल तोड़कर 300 किलो जिलेटिन और फ्यूज चोरी, 15 सदस्यीय SIT जांच में जुटी 22.47 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई