इंदौर। साइबर अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ क्राइम ब्रांच इंदौर ने एक ही दिन में दो अहम कार्रवाइयों को अंजाम दिया। ऑपरेशन FAST-2.0 के तहत साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल संदिग्ध सिम उपलब्ध कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी जुनैद उर्फ जुन्नु को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल सिम का नेटवर्क उजागरक्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय के I4C (Indian Cyber Coordination Centre) और राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त संदिग्ध POS धारकों, एजेंटों एवं फर्जी सिम उपयोगकर्ताओं की सूची के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मालवा मिल क्षेत्र स्थित राऊत कलेक्शन से जुड़े चार संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए।पुलिस के मुताबिक इन नंबरों से संबंधित सिम कार्ड का इस्तेमाल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया। NCRP पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के मिलान में इन मामलों में कुल 84 लाख 58 हजार 499 रुपये की साइबर धोखाधड़ी सामने आई।जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने राजेन्द्र राऊत (40), आनंद वासरे (22) और सूरज सिंह (24) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से सिम कार्ड, दस्तावेज और अन्य सामग्री के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब सिम जारी कराने, उपलब्ध कराने और साइबर अपराधों में इनके इस्तेमाल की पूरी कड़ी खंगाल रही है।20.84 ग्राम एमडी ड्रग्स मामले में फरार आरोपी गिरफ्तारदूसरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के अपराध क्रमांक 57/2025 में फरार चल रहे जुनैद उर्फ जुन्नु (27), निवासी सदर बाजार, इंदौर को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार इस मामले में पूर्व में सलीम रहमान निवासी जूनी इंदौर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 20.84 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक्सेस स्कूटी बरामद की गई थी। जब्त माल की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.80 लाख रुपये बताई गई है।विवेचना के दौरान जुनैद की संलिप्तता सामने आने के बाद वह फरार चल रहा था। 18 अगस्त को मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक जुनैद के खिलाफ पूर्व में भी इंदौर के विभिन्न थानों में चोरी, मारपीट, आबकारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित 16 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।ड्रग्स नेटवर्क और साइबर गिरोह की कड़ियां खंगाल रही पुलिसक्राइम ब्रांच दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस सिम उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है, जबकि एमडी ड्रग्स मामले में सप्लाई चेन और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में पूछताछ जारी है।क्राइम ब्रांच के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 57 प्रकरणों में 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों में एमडी ड्रग्स, गांजा, भांग, ब्राउन शुगर और कोकीन सहित करीब 3.15 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ एवं वाहन जब्त किए गए हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कंगना रनौत के ‘जनरेशन गटर’ बयान पर बाबा रामदेव का पलटवार, बोले- युवाओं के लिए ऐसे शब्द गलत सेवानिवृत्त IAS शैलेंद्र सिंह बने मध्य प्रदेश RERA के अध्यक्ष