भोपाल। शक्कर के दामों में लगातार तेजी ने थोक व्यापारियों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक की चिंता बढ़ा दी है। भोपाल के बाजार में शक्कर का थोक भाव करीब ₹60 प्रति किलो तक पहुंच गया है। बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहने पर खुदरा भाव ₹65 प्रति किलो तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया कि पिछले महज 17 दिनों में शक्कर के भाव करीब ₹17 प्रति किलो बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। इनमें कुछ क्षेत्रों में अल्प वर्षा के कारण गन्ने की फसल पर पड़ा असर, चीनी उत्पादन की स्थिति, बाजार में उपलब्ध स्टॉक, मिलों से आपूर्ति में उतार-चढ़ाव तथा पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के लिए गन्ने और उससे जुड़े उत्पादों का उपयोग प्रमुख हैं।एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से आपूर्ति पर असर की आशंकाविवेक साहू के अनुसार एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से चीनी की उपलब्धता और बाजार संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि भोपाल महानगर में घरेलू उपयोग के साथ होटल-रेस्टोरेंट, मिठाई एवं खाद्य कारोबार में हर माह कई हजार टन शक्कर की खपत होती है। ऐसे में आगामी त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन, बेकरी और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से शक्कर की खपत में भी वृद्धि होने की संभावना है।यदि त्योहारी सीजन के दौरान पर्याप्त स्टॉक और आवक नहीं रही तो शक्कर के भाव पर और दबाव बन सकता है।मिठाइयों के दाम बढ़ने की संभावनाशक्कर महंगी होने का सीधा असर मिठाई कारोबार पर भी पड़ सकता है। उत्पादन लागत बढ़ने के कारण मिठाई के दामों में करीब 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि की मजबूरी आ सकती है। हालांकि वास्तविक वृद्धि मिठाई के प्रकार के साथ घी, खोया, ड्राई फ्रूट और अन्य कच्चे माल की कीमतों पर भी निर्भर करेगी।महंगे स्टॉक के साथ व्यापारियों के सामने जोखिमविवेक साहू ने कहा कि मौजूदा तेजी में थोक व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्टॉक को लेकर है। महंगे भाव पर माल खरीदने के बाद बाजार की दिशा बदलने पर नुकसान का जोखिम रहता है, जबकि कम स्टॉक रखने पर बढ़ते भाव के बीच ग्राहकों को पर्याप्त माल उपलब्ध कराना मुश्किल हो सकता है।उन्होंने सरकार से मांग की कि शक्कर के स्टॉक, मिलों से होने वाली आपूर्ति और बाजार भाव की लगातार निगरानी की जाए। साथ ही जमाखोरी और कृत्रिम कमी पर रोक लगाने तथा पर्याप्त सरकारी एवं मिल आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि सरकार को एथेनॉल नीति, गन्ने की उपलब्धता और घरेलू चीनी जरूरतों के बीच संतुलन बनाना होगा, ताकि आगामी त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े। यदि आवक सामान्य रही तो बाजार में राहत मिल सकती है, लेकिन अल्प वर्षा, सीमित उपलब्धता और त्योहारी मांग का दबाव बना रहा तो आने वाले दिनों में शक्कर के भाव में और तेजी से इनकार नहीं किया जा सकता।विवेक साहूमहामंत्री, भोपाल किराना व्यापारी महासंघपूर्व प्रवक्ता, कैट Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आबकारी विभाग रीवा की कार्यवाही में 2680 किलोग्राम महुआ लाहन,70 लीटर मदिरा तथा 28 केन बियर हुआ बरामद डबल मनी मामला: बालाघाट पुलिस ने जारी की निवेशकों की 9वीं सूची, 18 और 19 अगस्त को जमा होंगे दस्तावेज