36 घंटे में पलासिया पुलिस ने किया लूटकांड का पर्दाफाश, USDT ट्रेडिंग के विवाद में रची थी साजिशइंदौर। थाना पलासिया क्षेत्र में 4 अगस्त को USDT देने के बहाने युवक को बुलाकर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर 7 लाख रुपये लूटने के मामले का पलासिया पुलिस ने 36 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मामले में एक एडवोकेट सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बंगाली चौराहा स्थित द टी चैप्टर कैफे में बैठकर लूट की पूरी साजिश तैयार की थी। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी मोनू उर्फ विवेक परदेशी की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक फरियादी अभय तिवारी और उसके दोस्त हर्ष ने सूचना दी थी कि अभय को 7 लाख रुपये की USDT देने के बहाने साकेत चौराहा बुलाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे सुनसान गली में ले जाकर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उसके साथ मारपीट कर 7 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर पलासिया पुलिस ने छह अलग-अलग टीमें गठित कीं। इनमें टेक्निकल साइबर डेटा, सीसीटीवी कैमरा फॉरवर्ड एवं बैक ट्रैकिंग, साइबर डेटा एनालिसिस, स्केच और धरपकड़ टीम शामिल थीं।फरियादी के बताए हुलिए के आधार पर संदिग्धों के स्केच तैयार कराए गए। सीसीटीवी फुटेज और साइबर डाटा की जांच में पुलिस को पता चला कि संदिग्धों का बंगाली चौराहा स्थित द टी चैप्टर कैफे पर आना-जाना था। जांच में आयुष और कुलदीप की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनकी गतिविधियों और घटना के समय की लोकेशन खंगाली गई। पूछताछ और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिले।भागने की कोशिश में दो आरोपी घायल7 अगस्त को पुलिस टीम ने संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इसी दौरान खजराना सर्विस रोड पर दो संदिग्ध पुलिस को देखकर एक्टिवा से भागने लगे। भागने के दौरान गिरने से दोनों घायल हो गए। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान शशांक परदेशी और विशाल शर्मा के रूप में हुई। उपचार के बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से उनकी भूमिका की पुष्टि की गई।पूछताछ में दोनों ने घटना की पूरी साजिश का खुलासा करते हुए अपने अन्य साथियों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने एडवोकेट आशुतोष प्रधान, दीपेश सोलंकी, आयुष पंवार और कुलदीप थापा को भी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से नकद राशि बरामद की गई है। शेष रकम के संबंध में पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है।ऐसे रची थी लूट की साजिशपुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी USDT ट्रेडिंग से जुड़े थे। आरोपी शशांक के भाई मोनू उर्फ विवेक ने अभय तिवारी के बारे में जानकारी दी थी कि उसे USDT की आवश्यकता है और वह नकद रकम लेकर सौदा करने के लिए तैयार हो सकता है। इसके बाद शशांक ने विशाल, आयुष, कुलदीप, आशुतोष और दीपेश के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।योजना के तहत शशांक और विशाल ने अभय से फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क कर उसे विश्वास में लिया। इसके बाद उसे नकद रुपये लेकर साकेत चौराहा बुलाया गया। वहां से उसे रुपये गिनने के बहाने सुनसान गली में ले जाने की योजना थी। इसी दौरान आशुतोष और दीपेश को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर पहुंचना था। योजना के मुताबिक शशांक और विशाल मौके से भाग जाते, जिससे अभय को लगता कि क्राइम ब्रांच की कार्रवाई हुई है। किसी विरोध की स्थिति में आयुष और कुलदीप को बाकी आरोपियों की मदद करनी थी।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले में फरार आरोपी मोनू उर्फ विवेक परदेशी की तलाश जारी है।गिरफ्तार आरोपी: आयुष पंवार (22), कुलदीप थापा (22), विशाल शर्मा (25), शशांक परदेशी (23), दीपेश सोलंकी (32) और एडवोकेट आशुतोष प्रधान (26)।सराहनीय भूमिका: थाना प्रभारी पलासिया सुरेंद्र सिंह रघुवंशी, उनि जगदीश मालवीय, प्रधान आरक्षक अभिषेक सेंगर, इमरत यादव, रिंकु राजपूत, धनराज गिरी, विशाल पाटिल तथा आरक्षक गौरव शर्मा, सिद्धार्थ, पीयूष तिवारी और चंद्रभान यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 10 अगस्त को जबलपुर के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश स्क्रैप कारोबारी के गोदाम पर क्राइम ब्रांच की दबिश, चोरी के वाहनों की कटिंग की सूचना पर सर्चिंग