जेल पहुंचने से पहले आरोपितों ने कथित तौर पर उतारीं पट्टियां, ₹20 हजार लेकर फर्जी प्लास्टर बंधवाने के आरोप; एसीपी ने जांच के दिए निर्देश इंदौर। प्रदीप चौधरी। हीरानगर थाना पुलिस की एक कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस की पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि जिन दो आरोपितों को घायल बताकर हाथ-पैर में प्लास्टर बांधकर शहर में जुलूस निकाला गया था, उन्होंने जेल पहुंचने से पहले कथित तौर पर प्लास्टर और पट्टियां उतारकर झाड़ियों में फेंक दीं। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, मामला हीरानगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मयंक और शोभित नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय पुलिस का कहना था कि दोनों आरोपितों को गिरने से चोट लगी थी, इसलिए उनके हाथ-पैर में प्लास्टर बांधा गया। इसके बाद दोनों का पुलिस सुरक्षा में जुलूस भी निकाला गया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने जेल पहुंचने से पहले प्लास्टर खोल दिए। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि करीब ₹20 हजार लेकर फर्जी प्लास्टर बंधवाए गए थे। इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.? मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एसीपी ने पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने सही हैं और क्या वास्तव में कार्रवाई के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई। नोट: वायरल वीडियो में किए गए दावों और ₹20 हजार लेकर फर्जी प्लास्टर बंधवाने के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ‘विरोध करने पर स्टूडेंट्स जेल भेज दिए जाते हैं’: देश में घटती असहमति की जगह पर बोले जस्टिस उज्ज्वल भुयन इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, NDA सांसदों ने किया जोरदार स्वागत