शहर के जनहित मुद्दों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए । इंदौरl (पंकज शर्मा)शहर के जनहित मुद्दों को लेकर गैर राजनीतिक संस्था ने मांग की है कि जनहित मुद्दों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि दोषियों पर प्रभावी कार्यवाही हो पाए।इस संबंध में इंदौर नागरिक मंच के समन्वयक राजेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश ,प्रदेश के साथ ही शहर के जनहित विषयों पर तथ्य, सुझाव और नागरिकों की अपेक्षाएँ सार्वजनिक रूप से रखी जाएँगी। हमारा उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान और जवाबदेही की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करना है। मंच द्वारा ज्वलंत मुद्दे नीट परिक्षा का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि देशभर में नीट परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का विश्वास प्रभावित किया है। शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना राष्ट्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हम निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु मजबूत व्यवस्था की मांग करते हैं। उन्होंने भंवरकुआ इलाके में छात्रों के आंदोलन के लिए शहरवासियों के समर्थन के साथ ही उनकी सुरक्षा की माँग भी की है।इंदौर नागरिक मंच की प्रतिभा मित्तल ने कहा कि इंदौर मेट्रोपोलिटन के टाइटल में इंदौर का नाम शुरुआत में नहीं रखे जाने के औचित्य पर हम मध्यप्रदेश शासन से सवाल करते है। की मास्टरप्लान इंदौर का बनाया जा रहा है तो उज्जैन का ही नाम क्यों इसके टाइटल में रखा जा रहा है। यह एक तरह से लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के शहर से भेदभाव है। उन्होंने बताया कि इंदौर के 100 प्रतिशत क्षेत्र के साथ देवास, धार और शाजापुर के भी बड़े भू-भाग के क्षेत्र को इसमें रखा गया है, उल्लेखनीय है की उज्जैन के मास्टरप्लान का प्रकाशन शासन विगत वर्षों में किया जा चुका है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्या यह मोदी राज के अंत की शुरूआत है? संबल योजना की राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते नगर निगम की वार्ड प्रभारी लोकायुक्त के जाल में फंसी