बिना कार्य के भुगतान और फर्जी बोर्ड लगाने का आरोप जवा, रीवा । रीवा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रीवा जिले के जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पथरौड़ से सामने आए मामले ने ग्रामीण विकास कार्यों की पारदर्शिता पर संदेह गहरा दिया है इसके पहले पीडब्ल्यूडी विभाग और सम्बंधित ठेकेदार के मिलीभगत से पथरौड़ा मुख्य मार्ग से ईश्वरचंद्र विद्या सागर कालेज तक की रोड पर बिना कार्य कराए राशि हड़पने का आरोप लग चुके है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिस सड़क का निर्माण कागजों में पूर्ण दिखाया गया है वास्तव में उस पर कोई कार्य नहीं हुआ और वर्षों बाद अचानक सूचना बोर्ड लगाकर कार्य पूर्ण होने का दावा किया गया है जानकारी के अनुसार बराह डभौरा रोड से पथरौड़ा तक प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य 28 फरवरी 2019 को प्रारंभ होकर 27 फरवरी 2020 को पूर्ण दिखाया गया है। बोर्ड पर सड़क की लंबाई 600 मीटर दर्शाई गई है तथा पैकेज क्रमांक पैकेज क्र. MP32XC01 अंकित है। इसके साथ ही 5 वर्ष के संधारण की गारंटी और लगभग 30.36 लाख रुपये की लागत दर्ज है पांच वर्ष तक रखरखाव हेतु 74 हजार रुपए अलग से स्वीकृत थे। कार्य का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्रमांक-1 रीवा के माध्यम से किया जाना बताया गया है ठेकेदार मेसर्स नीरज द्विवेदी श्रीयुत नगर अनंतपुर रीवा सूचना पट पर दर्ज हैं। उक्त सड़क निर्माण मध्यप्रदेश पंचायती राज संचालनालय से वित्त पोषित है। ग्रामीणों का कहना है कि वास्तविकता में इस मार्ग पर विभाग द्वारा कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया उनके अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ आंतरिक मार्गों का निर्माण हुआ था जिसे अब विभागीय सड़क के रूप में दर्शाने की कोशिश की जा रही है। अचानक वर्षों बाद लगाए गए सूचना बोर्ड ने ग्रामीणों में आश्चर्य और आक्रोश पैदा कर दिया है स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर राशि आहरित कर ली गई ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी क्षेत्र में गुणवत्ताहीन और अधूरे निर्माण कार्यों की शिकायतें सामने आती रही हैं लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई। इस पूरे मामले ने एक बार फिर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहे कार्यों की निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ट्रैफिक चालान पर राहत पाना हुआ मुश्किल, कोर्ट जाने से पहले जमा करनी होगी 50% राशि मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा मध्यप्रदेश, 9 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आएगा : सीएम डॉ. मोहन यादव