नई दिल्ली। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब ट्रैफिक चालान में राहत पाना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 के नियम 167 में किए गए बदलावों के बाद चालान संबंधी प्रक्रिया को और अधिक सख्त बना दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब चालान को चुनौती देने और न्यायालय में जाने के लिए पहले निर्धारित राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य होगा।नई व्यवस्था के अनुसार, ट्रैफिक चालान जारी होने के बाद वाहन चालक को 45 दिनों के भीतर जुर्माना जमा करना होगा या फिर ‘नेक्स्टजेन एम-परिवहन’ (NextGen mParivahan) पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ चालान को चुनौती देनी होगी। यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह माना जाएगा कि वाहन चालक ने चालान स्वीकार कर लिया है।नियमों के तहत यदि वाहन चालक पोर्टल पर चालान को चुनौती देता है, तो ट्रैफिक पुलिस को 30 दिनों के भीतर शिकायत का निराकरण करना होगा। यदि ट्रैफिक पुलिस शिकायत को खारिज कर देती है और वाहन चालक मामले को न्यायालय में ले जाना चाहता है, तो उसे पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत राज्य सरकार के पोर्टल पर जमा करना होगा।नई व्यवस्था के बाद राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से चालान में बड़ी राहत मिलने की संभावना कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देना और लंबित चालानों की संख्या कम करना है।सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और चालान निपटान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल, डिप्टी सीएम बोले- कट्टर शिवसैनिकों का स्वागत पथरौड़ा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कथित घोटाले का मामला उजागर