वडोदरा। प्रदीप चौधरी। भारत के रक्षा और विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में वडोदरा में निर्मित पहले एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमान ने सफल परीक्षण उड़ान भरी। यह परियोजना देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।C-295 विमान भारतीय वायुसेना के पुराने परिवहन विमानों की जगह लेने के लिए शामिल किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत भविष्य में बड़ी संख्या में विमान भारत में ही निर्मित किए जाएंगे, जिससे देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को नई मजबूती मिलेगी।विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सैन्य विमानों का निर्माण न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी को भी मजबूत करेगा।इस उपलब्धि को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि राजनीतिक दलों के बीच इस विषय पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने को देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ब्रिक्स मेहमानों को डिनर, कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह; इंदौर में बोले सीएम मोहन यादव ब्रिक्स सम्मेलन में कृषि मंत्रियों व प्रतिनिधियों के सम्मान में हुआ रात्रिभोज, वैश्विक सहयोग पर जोर