सुप्रीम कोर्ट से मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में अच्छी ख़बर नहीं आ रही। नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण मामले को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में निष्पक्षता का अभाव दिखाई दिया है। जीतू पटवारी ने कहा कि संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी रही है और पूर्व में भी उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवारों के निर्वाचन की प्रक्रिया में तत्परता दिखाई गई, जबकि कांग्रेस की आपत्तियों और शिकायतों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर पूरी रात विरोध प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान नहीं लिया गया। पटवारी के अनुसार, उन्हें बताया गया कि रिटर्निंग ऑफिसर सुबह 11 बजे उपलब्ध होंगे, जबकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य कार्यों के लिए वे सुबह से ही कार्यालय पहुंच गए थे। View this post on Instagram कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचा था और विस्तृत आवेदन सौंपा था। उनका आरोप है कि उस आवेदन पर भी कोई कार्रवाई या स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए।जीतू पटवारी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं था और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की शिकायतों की अनदेखी लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चिंताजनक संकेत है।उल्लेखनीय है कि राज्यसभा नामांकन निरस्तीकरण को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध जता रही है, जबकि मामले पर अंतिम निर्णय और कानूनी प्रक्रिया जारी है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया केसीसी लोन नवीनीकरण के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते दो कर्मचारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़े