इंदौर। प्रदीप चौधरी। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोकायुक्त इंदौर की छापामार कार्रवाई में विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के पास आय से कहीं अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया है। लोकायुक्त जांच के अनुसार कंडवाल की कुल वैध आय लगभग 2.80 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि उनके नाम और स्वामित्व वाली संपत्तियों का मूल्य करीब 9.76 करोड़ रुपये पाया गया है। इस प्रकार उनके पास लगभग 6.96 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का दावा किया गया है, जो उनकी आय से लगभग 241 प्रतिशत अधिक है।जांच में इंदौर की स्कीम नंबर-103 में 13,560 वर्गफीट का आलीशान जी+3 भवन, आईडीए योजना-140 के दो प्लॉट तथा धार जिले के तारपुरा, बनेडिया और बेकल्या क्षेत्रों में कृषि भूमि सहित कई अचल संपत्तियां सामने आई हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया की सराफा शाखा, इंदौर में एक लॉकर मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी जांच अभी की जानी है।लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। बैंक खातों, निवेशों और लॉकर की जांच के बाद संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक पर लोकायुक्त का छापा अवैध हिरासत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, पीड़ित को ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश