25 मई से 2 जून तक पड़ने वाले नौतपा को साल के सबसे गर्म और तपते दिनों में माना जाता है। इस दौरान तापमान कई जगह 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इन दिनों शरीर की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है और गलत खानपान से लू, डिहाइड्रेशन, पेट संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग तेजी से बढ़ सकते हैं। ऐसे में खानपान और दिनचर्या में सावधानी बेहद जरूरी है।नौतपा में किन चीजों से करें परहेजबैंगन से बढ़ सकती है गर्मीचरक संहिता में बैंगन को गरम तासीर और वात बढ़ाने वाला बताया गया है। आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में इसका सेवन पेट में जलन, गैस, त्वचा पर दाने और पथरी के दर्द को बढ़ा सकता है।दही का सेवन भी सीमित रखेंअष्टांग हृदयम् में ग्रीष्म ऋतु में दही खाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार दही भारी होता है, जिससे बलगम, गले में खराश, सर्दी-जुकाम और पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।लहसुन और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचेंलहसुन, तीखी मिर्च और ज्यादा तला-भुना भोजन शरीर में पित्त बढ़ाते हैं। इससे सिरदर्द, पेट में जलन, गैस, उल्टी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। गर्मी में ऐसा भोजन शरीर की गर्मी और बढ़ा देता है।फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी नुकसानदायकतेज धूप से आने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी या आइसक्रीम खाना शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे गला खराब, टॉन्सिल, पेट दर्द और पाचन गड़बड़ी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।दिन में ज्यादा सोना भी ठीक नहींआयुर्वेद में गर्मी के मौसम में दिन में अधिक सोने को नुकसानदायक बताया गया है। इससे शरीर में आलस्य, भारीपन, कफ और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।नौतपा में क्या खाएंआयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में हल्का, ठंडक देने वाला और पानी से भरपूर भोजन करना चाहिए। सत्तू का घोल, बेल का शरबत, नारियल पानी, तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, लौकी, तौरी, छाछ और लस्सी शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा में पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और हल्का भोजन करना ही शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा उपाय है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट फैसले को दी चुनौती जीतू पटवारी के नेतृत्व से प्रभावित होकर भाजपा नेता विजय अग्रवाल कांग्रेस में शामिल