नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने ई-वे बिल प्रणाली को और सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए 15 जून 2026 से कई बड़े बदलाव लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत अब व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और बिलिंग सॉफ्टवेयर संचालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते ERP और बिलिंग सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किए गए तो माल रास्ते में फंस सकता है और भारी जुर्माना भी लग सकता है।E-Way Bill में 5 बड़े बदलावShip To GSTIN अब अनिवार्यअब Bill To और Ship To वाले ट्रांजेक्शन में “Ship To GSTIN” भरना अनिवार्य होगा। पहले केवल Bill To का GSTIN दर्ज करने से काम चल जाता था।उदाहरण के तौर पर यदि बिल दिल्ली का है और माल मुंबई डिलीवर हो रहा है, तो मुंबई वाले प्राप्तकर्ता का GSTIN भी दर्ज करना होगा।अनरजिस्टर्ड ग्राहक के लिए “URP” जरूरीयदि माल ऐसे ग्राहक को भेजा जा रहा है जो GST में रजिस्टर्ड नहीं है, तो Ship To सेक्शन में “URP” यानी Unregistered Person लिखना होगा।इससे यह स्पष्ट होगा कि माल अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचा है और फर्जी बिलिंग की संभावना कम होगी।E-Way Bill बंद करने की सुविधा बढ़ीअब Supplier, Recipient, Transporter या Driver — कोई भी E-Way Bill क्लोज कर सकेगा।पहले यह सुविधा केवल बिल जनरेट करने वाले व्यक्ति तक सीमित थी।क्लोजिंग की समय सीमा तयनए नियमों के अनुसार डिलीवरी वाले दिन या अधिकतम अगले दिन तक E-Way Bill बंद करना अनिवार्य होगा।सरकार का उद्देश्य फर्जी एंट्री और बिल रीसाइक्लिंग पर रोक लगाना है।ERP और बिलिंग सॉफ्टवेयर अपडेट जरूरीजो व्यापारी Tally, Zoho, SAP या अन्य कस्टम बिलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें 15 जून से पहले सिस्टम अपडेट करना होगा। नए नियमों के अनुरूप अतिरिक्त फील्ड जोड़ना आवश्यक होगा।सरकार का उद्देश्यसरकार का कहना है कि इन बदलावों से माल की रियल टाइम ट्रैकिंग आसान होगी, फर्जी ITC क्लेम पर रोक लगेगी और टैक्स चोरी कम होगी। हर ट्रांजेक्शन का उचित क्लोजर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।व्यापारियों के लिए जरूरी सलाहअपने CA और IT टीम से तुरंत संपर्क करें।सॉफ्टवेयर में “Ship To GSTIN” और “URP” विकल्प जोड़वाएं।बिलिंग स्टाफ को नए नियमों की ट्रेनिंग दें।ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर को समय पर E-Way Bill क्लोज करने के निर्देश दें।गलत या अधूरे E-Way Bill पर ₹10,000 या टैक्स राशि के बराबर जुर्माना लग सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम ईमानदार व्यापारियों के लिए राहत भरे साबित होंगे, क्योंकि इससे फर्जी बिलिंग करने वालों पर लगाम लगेगी और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा अधिक पारदर्शी बनेगी। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे 15 जून 2026 से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ट्रेन में छूटा लैपटॉप बैग, जीआरपी इंदौर ने लौटाया 50 हजार का सामान वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का हल्लाबोल