इंदौर। थाना पंढरीनाथ पुलिस की तत्पर एवं प्रभावी कार्रवाई से एक व्यापारी का ₹2.55 लाख नगदी से भरा बैग सुरक्षित वापस मिल गया। इस पूरे मामले में एक ईमानदार नागरिक की सजगता और पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।जानकारी के अनुसार बर्तन बाजार निवासी व्यापारी मुकेश कुमार वाधवानी 11 मई 2026 को अपने घर से दुकान जा रहे थे। उनके पास चार बैग थे, जिनमें से एक ब्राउन रंग के “डीपी ज्वेलर्स” लिखे बैग में ₹2,55,000 नगद रखे हुए थे। दुकान पहुंचने पर उन्हें बैग गायब मिला। काफी तलाश के बाद भी बैग नहीं मिलने पर उन्होंने थाना पंढरीनाथ में शिकायत दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सतीश पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान एक ब्लैक रंग की होंडा शाइन मोटरसाइकिल चालक बैग उठाकर ले जाता दिखाई दिया, जिसमें वाहन नंबर का केवल “5742” हिस्सा दिखाई दे रहा था।तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संभावित 34 वाहनों की जानकारी जुटाई, जिनमें 16 ब्लैक रंग की शाइन मोटरसाइकिलें शामिल थीं। पूछताछ के दौरान राजू जायसवाल निवासी लावारिया भेरू ने बताया कि उन्हें रास्ते में बैग मिला था, जिसे उन्होंने सुरक्षित रखने के लिए पास के मंदिर में रख दिया था ताकि असली मालिक मिलने पर वापस किया जा सके।पुलिस के पूछने पर राजू जायसवाल ने तुरंत बैग लाकर पुलिस को सौंप दिया। बैग की पहचान करने पर व्यापारी ने बताया कि उसमें रखी पूरी ₹2.55 लाख की राशि सुरक्षित है।राजू जायसवाल, जो सेव-परमल का ठेला लगाकर जीवनयापन करते हैं, की ईमानदारी की थाना पंढरीनाथ पुलिस ने सराहना की और सम्मानित भी किया। व्यापारी ने पुलिस टीम और राजू जायसवाल का आभार व्यक्त किया।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश पटेल, उपनिरीक्षक यतींद्र मिश्रा, प्रधान आरक्षक रतन सिंह, प्रधान आरक्षक आरिफ खान और आरक्षक जितेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मोबाइल चलाने से रोका तो घर छोड़ निकला 11 साल का बालक, बडनगर पुलिस ने 4 घंटे में ढूंढकर परिवार को सौंपा देश के टॉप यूथ आइकॉन में शामिल बागपत के अमन कुमार, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया संग किया संवाद