ग्वालियर। ग्वालियर की विशेष सत्र न्यायालय ने एक चर्चित मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन ग्वालियर एसपी एवं वर्तमान डीआईजी राजेश सिंह चंदेल सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, लूट, आपराधिक साजिश और साक्ष्य नष्ट करने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।विशेष सत्र न्यायाधीश सुनील दंडोतिया ने परिवाद स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। मामला वर्ष 2023-24 के एक कथित धोखाधड़ी प्रकरण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अनूप राणा और चंद्रलेखा जैन ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने समझौता कराने के नाम पर उनसे भारी रकम वसूली। आरोपों में तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह, सब इंस्पेक्टर अजय सिंह और हवलदार संतोष वर्मा के नाम भी शामिल हैं।शिकायतकर्ताओं के अनुसार दिसंबर 2023 में दर्ज धोखाधड़ी प्रकरण में पहले 5 लाख 80 हजार रुपये लिए गए और बाद में 25 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। परिवाद में दावा किया गया कि अनूप राणा के घर से करीब 9.5 लाख रुपये और चंद्रलेखा जैन के घर से लगभग 15 लाख रुपये लिए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और एनकाउंटर तक की धमकी दी गई।अनूप राणा ने अदालत को बताया कि उन्होंने तत्कालीन एसएसपी राजेश सिंह चंदेल को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई और उल्टा उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जमानत मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने थाटीपुर थाने के CCTV फुटेज तलब किए थे। पुलिस ने जवाब दिया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे साक्ष्य नष्ट करने की आशंका से जोड़ा। अदालत ने कहा कि यह न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है।दूसरी ओर पुलिस विभाग का कहना है कि मामला एक ठगी गिरोह से जुड़ा था और शिकायतकर्ता स्वयं उसी नेटवर्क का हिस्सा थे। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई थी और लगाए गए आरोप निराधार हैं।अदालत ने सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का नाम सामने आने से यह मामला प्रदेश की चर्चित कानूनी लड़ाइयों में शामिल हो गया है और अब सभी की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विधायक प्रतिनिधि की टिप्पणी पर बवाल, लालबर्रा थाना घेराव के बाद मामला दर्ज साइबर अपराध रोकने गृह मंत्रालय का नया कदम, शुरू हुआ TELL I4C WhatsApp Chatbot