नई दिल्ली। हिंदू परंपरा में पूजनीय ऋषि, देवर्षि और दुनिया के प्रथम पत्रकार माने जाने वाले महर्षि नारद मुनि की जयंती पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ उन्हें स्मरण किया गया। 02 मई को मनाई जाने वाली यह जयंती ज्ञान, भक्ति, धर्म रक्षा और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक महर्षि नारद को समर्पित है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि नारद सप्तऋषियों में प्रमुख स्थान रखते हैं। वे स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल लोक में भ्रमण कर धर्म, ज्ञान और सत्य का संदेश फैलाने वाले दिव्य ऋषि माने जाते हैं। भगवान विष्णु के परम भक्त नारद मुनि ने वेद, उपनिषद और पुराणों के गहन ज्ञान के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया।महर्षि नारद को संचार, संवाद और रणनीति का अग्रदूत माना जाता है। देवताओं, ऋषियों और मनुष्यों के बीच संदेश पहुंचाने और उचित मार्गदर्शन देने की उनकी भूमिका के कारण उन्हें विश्व का पहला पत्रकार और श्रेष्ठ रणनीतिकार भी कहा जाता है।इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा महर्षि नारद के योगदान को स्मरण करते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने उनकी ज्ञान, भक्ति और सेवा भावना को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।महर्षि नारद जयंती केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, संचार और समाजहित में समर्पित जीवन मूल्यों को याद करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जेपी मॉर्गन चेस की महिला एग्जीक्यूटिव पर भारतीय मूल के कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप भारत में नया सर्वहारा वर्ग उभर रहा है!