बिना विज्ञापन, 490 में 371 अकेले शुक्ला कंपनी की हुई नियुक्ति।

रीवा। नियमो को दरकिनार करते हुए एक बार पुनः स्वास्थ्य विभाग से बड़ा चौकाने वाला मामला सामने आया है। कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक किसान नेता कुंवर सिंह पटेल एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने बताया कि रीवा जिले के स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रीवा में आउटसोर्स के अंतर्गत की गई 31/12/2024 के अनुबंध के अनुसार रीवा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्स कर्मचारी की भर्ती के लिए, जिसका मध्य प्रदेश सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 05 जुलाई 2024 के आदेश अनुसार एवं वित्त मंत्रालय के 04 सितंबर 2024 के आदेश में सेवा भारती अधिनियम में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रभावशील होने एवं नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए गए।


उपरोक्त नियुक्तियां रीवा जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों हेतु चपरासी एवं ग्रुप डी स्किल्ड वर्कर के रूप में की गई।  लेकिन उपरोक्त नियुक्ति निविदा के माध्यम से की जानी चाहिए थी तथा बकायादे टेंडर बुलाकर नियुक्ति का कार्य करना चाहिए था लेकिन जिला रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजीव शुक्ला की देखरेख में उपरोक्त भर्ती जो टारगेट सिक्योरिटी सर्विस पता वार्ड नंबर 15 सरदार पटेल कंपलेक्स सामान तिराहे के पास रीवा मध्य प्रदेश को दी गई, फोन में किसी प्रकार का कोई विज्ञापन नहीं दिया गया।

बिना विज्ञापन के ही अनुमति लेकर सीधे साठगांठ करके व प्रत्येक भर्ती होने वाले कैंडिडेट से लाखों रुपए की वसूली करते हुए जिला चिकित्सा अधिकारी संजीव शुक्ला उनके गैंग के कर्मचारियों ने लूट मचाई।
इस प्रकार करीब 490 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया, उपरोक्त नियुक्ति के अनुसार 490 आउटसोर्स कर्मचारी में रोस्टर का पालन करते हुए आरक्षण देना चाहिए था लेकिन बिना रोस्टर व आरक्षण के ही 490 पदों में से सामान्य वर्ग एवं मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्थानीय मंत्री राजेंद्र शुक्ला के निर्देशन पर 490 में से 371 सामान्य वर्ग के कर्मचारी चयनित किए गए एवं पिछड़ा वर्ग के 28, अनुसूचित जाति के 21, तथा अनुसूचित जनजाति के 07 अभ्यर्थियों का चयन कर्मचारियों के रूप में किया गया। जो घोर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार पूर्ण कार्यवाही है। बिना निविदा बिना प्रकाशन  के टारगेट सिक्योरिटी सर्विस को नियुक्ति करने का अनुबंध करना नियम के विपरीत व भ्रष्टाचार को इंगित करता है।

इतना ही नही जिन अभ्यार्थियों की नियुक्ति की गई उनके पिता का नाम ही नियुक्ति पत्र में गायब है
उपरोक्त भर्ती में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजीव शुक्ला की अवैध नियुक्ति के लिए एक पूरी गैंग बना रखी थी जिसमें संविदा कर्मचारी सम्मिलित थे जो इसके पूर्व ही भ्रष्टाचार से परिपूर्ण थे जिसमे  विमल पांडे तत्कालीन संविधान लिखा प्रबंधक एचएम रीवा जिन पर 66000 की रिकवरी व वसूली का आदेश किया गया था।

इसी प्रकार विजय तिवारी डाटा मैनेजर संविदा के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तब उन्हें हटाया गया लेकिन मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी संजीव शुक्ला ने इन्हें पुनः वापस बुलाकर नियम को ताक में रखते हुए भर्ती आउटसोर्स में वित्त मंत्रालय द्वारा आदेशित आरक्षण के लिए रोस्टर का पालन नहीं करना टारगेट सिक्योरिटी कंपनी को अनुबंध करने के पूर्व कोई विज्ञापन नहीं करने अनुबंध में वेतन का भुगतान प्रत्येक माह की चार एवं पांच तारीख को नहीं करने पर अनुबंध निरस्त होने या जिला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अनुबंध के अनुसार पालन नहीं करने पर ब्लैक लिस्ट करने का कार्य समस्त नियमों को ताक में रखते हुए भ्रष्टाचार हुआ। प्रत्येक  अभ्यार्थी से तीन लाख रुपए की अवैध संभावित वसूली किए जाने की खबर भी है।

इस तरह उपरोक्त भर्ती में करोड़ों रुपए से ज्यादा की वसूली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्कालीन संजीव शुक्ला व मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री स्थानीय मंत्री स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की सहमति से  भ्रष्टाचार किया गया है।
उपरोक्त कृत्य कई ऐसे अभ्यार्थियों जिनमे योग्यता एवं दक्षता परिपूर्ण होती है उनके हिस्से की नौकरी को भ्रष्टाचार करके किया जाना भारत के संविधान का घोर अपराध है व मानविक अधिकारों से वंचित करती है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा टारगेट सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से 490 आउटसोर्स कर्मचारी की भर्ती रोस्टर का पालन नहीं करने कंपनी को अनुबंध बिना विज्ञापन के देने व अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर ब्लैक लिस्ट नहीं करने व उपरोक्त संपूर्ण प्रक्रिया में करोड़ों रुपए की भ्रष्टाचार एवं लूट प्रथम दृष्टि प्रदर्शित हो रही है।


उपरोक्त भ्रष्टाचार युक्त एवं लूट की गई कार्यवाही पर जिम्मेदार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्कालीन  संजीव शुक्ला व उनकी पूरी भारतीय टीम पर भारत के संविधान का उलांघन करने मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेशों का पालन नहीं करने एवं भ्रष्टाचारी एवं लूट पर कठोर से कठोर कानूनी कार्यवाही करने की मांग कुंवर सिंह पटेल एवं विनोद शर्मा ने की है

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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