छतरपुर, 24 अप्रैल 2026। प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। अप्रैल में ही तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने से हालात गंभीर हो गए हैं। लू और तपती धूप का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जो दोपहर में घर लौटते समय परेशान हो रहे हैं। कई बच्चों में चक्कर और उल्टी की शिकायतें भी सामने आई हैं।कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियांबच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा समेत प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। कुछ जिलों में 25 अप्रैल से तो कहीं 1 मई से स्कूल बंद करने के आदेश जारी हुए हैं, वहीं कई जगह स्कूलों का समय सुबह 7 से 11 बजे तक कर दिया गया है।छतरपुर में बढ़ी चिंताइसके विपरीत छतरपुर जिले में अभी तक अवकाश को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। यहां तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर 1 बजे स्कूल से लौटने वाले छोटे बच्चों को तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।अभिभावकों की मांगअभिभावकों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा है। कई निजी स्कूलों ने अपने स्तर पर छुट्टियां घोषित कर दी हैं, लेकिन सरकारी स्कूल अभी भी संचालित हैं। अभिभावक संघ ने जिला प्रशासन से तुरंत ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने या स्कूल का समय सुबह 7 से 10:30 बजे तक करने की मांग की है।डॉक्टरों की चेतावनीजिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. अहिरवार ने चेतावनी दी है कि इस तापमान में बच्चों को लू, डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाया जाए और दोपहर की धूप से बचाया जाए।फिलहाल, बच्चों और अभिभावकों को छतरपुर कलेक्टर के फैसले का इंतजार है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन AAP में बड़ी टूट: राघव चड्ढा समेत कई सांसद BJP में शामिल, सियासत गरमाई मध्यप्रदेश में ‘एक डिग्री, दो डॉक्टर’ का मामला वायरल, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल