भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क से उड़ान भरने वाली एक दुर्लभ ‘सिनेरियस वल्चर’ (मादा गिद्ध) ने एक बार फिर मौत को मात दी है। इस बार उसकी जान सरहद पार पाकिस्तान में बचाई गई, जहां भारतीय और पाकिस्तानी टीमों के समन्वय ने वन्यजीव संरक्षण की मिसाल पेश की।जानकारी के अनुसार करीब दो साल की इस मादा गिद्ध को 22 जनवरी को शाजापुर जिले के परसुलिया गांव से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) की टीम ने उसका उपचार कर उसे स्वस्थ किया। 25 मार्च को गिद्ध को जीपीएस-जीएसएम टैग लगाया गया और 30 मार्च को रायसेन के हलाली डैम से खुले आसमान में छोड़ दिया गया।सीमा पार पहुंची गिद्ध, अचानक टूटा संपर्कट्रैकिंग के दौरान गिद्ध मध्य प्रदेश और राजस्थान होते हुए 6 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंच गई। लेकिन 7 अप्रैल को खानेवाल क्षेत्र के पास अचानक उसका सिग्नल बंद हो गया। जांच में पता चला कि उस इलाके में भीषण ओलावृष्टि हुई थी, जिससे गिद्ध के घायल होने की आशंका जताई गई।भारत-पाक समन्वय से बची जानभारतीय अधिकारियों ने तत्काल गिद्ध की लोकेशन WWF-पाकिस्तान के साथ साझा की। पाकिस्तानी टीम ने स्थानीय किसानों की मदद से घायल गिद्ध को ढूंढ निकाला और उसका उपचार शुरू किया। इस समन्वय से गिद्ध की जान बचाई जा सकी।वन विहार के निदेशक विजय कुमार ने बताया कि यह रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे प्रवासी पक्षियों के संरक्षण में नई दिशा मिलेगी।संरक्षण के लिए अहम पहलविशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय समन्वय से गिद्धों के प्रवास मार्ग को समझने में मदद मिलेगी और भविष्य में उनके संरक्षण के लिए बेहतर रणनीति बनाई जा सकेगी।यह घटना साबित करती है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए सीमाएं कोई मायने नहीं रखतीं और मानवता सबसे ऊपर है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन आंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल को मध्य प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष का दौरा, उपार्जन केंद्रों पर किसानों का किया सम्मान