इंदौर। गौरव जैन।। क्या नाबालिग होना अपराध करने का खुला लाइसेंस बन गया है? शहर में पिछले कुछ वर्षों में नाबालिगों द्वारा कई हत्याएँ और गंभीर अपराध किए गए, लेकिन थानों से आसानी से छूटने के बाद उनके हौसले बुलंद हो गए। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बावजूद नाबालिगों से जुड़े प्रावधानों में कोई सख्त बदलाव नहीं आया। जेजेजे एक्ट का मकसद सुधार है, लेकिन बार-बार अपराध करने वाले नाबालिगों को बार-बार मौका मिल रहा है। इसी क्रम में दो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। क्लासिक क्रोकरी के दुकान संचालक बुहारना ने एक नाबालिग लड़के को नौकरी पर रख लिया, जो कथित तौर पर अपराधी प्रवृत्ति वाला था। दुकानदार ने न तो थाने में सूचना दी और न ही श्रम आयोग के नियमों का पालन किया। बाल श्रम निषेध एवं नियमन अधिनियम के तहत 14-18 वर्ष के किशोरों को अनियमित या खतरनाक काम पर रखने के लिए पुलिस व श्रम विभाग को सूचित करना अनिवार्य है। इस उल्लंघन से न सिर्फ कानून की धज्जियाँ उड़ीं, बल्कि अपराधी तत्वों को संरक्षण मिलने का खतरा भी बढ़ गया। इसी बीच कल शाम परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक और सनसनीखेज घटना हुई। नंदा नगर निवासी पत्रकार व मोबाइल रिपेयरिंग दुकान संचालक अंकुल प्रताप सिंह अपनी दुकान (बनारसी ज्वेलर्स के पास, पता पाटनीपुरा मेन रोड) पर काम कर रहे थे। दोपहर करीब 2.30 बजे कुनाल नामक युवक मोबाइल सुधारने आया। शाम को रिपेयरिंग के पैसे माँगने पर वह नाराज हो गया और कुछ देर बाद दोबारा दुकान पर आकर बिना पैसे दिए मोबाइल ले जाने की कोशिश करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने चाकू निकालकर हमला करने की कोशिश की। अंकुल प्रताप सिंह ने बचाव किया, लेकिन आरोपी ने गाली-गलौज और धमकी भी दी। दुकानदार ने बीच-बचाव कर आरोपी को रोका। अंकुल प्रताप सिंह ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। परदेशीपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी कुनाल को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से चाकू बरामद किया। आरोपी को हिरासत में लिया गया है। जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन पर सवालये दोनों घटनाएँ इंदौर में बढ़ते युवा-नाबालिग अपराध और कानून के शिथिल पालन की तस्वीर पेश करती हैं। एक तरफ दुकानदार बिना पुलिस सूचना के नाबालिग अपराधी को नौकरी दे रहे हैं, दूसरी तरफ छोटी-छोटी बातों पर चाकू निकालने वाले युवा बेखौफ घूम रहे हैं। बीएनएस आने के बाद भी स्थिति जस की तस है। इंदौर पुलिस, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति को इन मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। क्या दुकानदार जानबूझकर नियम तोड़ रहे हैं? क्या आरोपी कुनाल पहले किसी अपराध में शामिल था? इन सवालों के जवाब जरूरी हैं। संपादकीय टिप्पणी:“नाबालिग है तो छूट जाएगा” वाली मानसिकता अब शहर के लिए खतरा बन चुकी है। जेजेजे एक्ट का दुरुपयोग रोकने और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है। इंदौर पुलिस से अपील है कि ऐसे सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करें, ताकि आम नागरिकों खासकर दुकानदारों और पत्रकारों में सुरक्षित महसूस करने का भरोसा बने। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16,720 करोड़ की स्वीकृति इंदौर में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार