वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की स्वीकृति 
 
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ की स्वीकृति
 मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

भोपाल :  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश की प्रगति को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों और महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस बैठक में शिक्षा, कृषि, सिंचाई, प्रशासनिक सुधार और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक में लिये गये निर्णयानुसार ,भोपाल में एक अत्याधुनिक ‘वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान’ (FTRI)की स्थापना की जाएगी, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित होगा। किसानों के हित में आगामी 3 वर्षों के लिए चना एवं मसूर के उपार्जन के लिये 3,174 करोड़ रुपये और मंदसौर की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई। शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देते हुए आर.टी.ई. के तहत फीस प्रतिपूर्ति, पीएमश्री स्कूल योजना के विस्तार और कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मुफ्त पुस्तकों के लिए वित्तीय स्वीकृति दी गयी। साथ ही, उज्जैन हवाई पट्टी को एयरबस विमानों के अनुकूल विकसित करने और दिल्ली में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के छात्रों को 10 हजार रुपये मासिक सहायता देने जैसे दूरगामी फैसले भी लिए गए हैं। यह निर्णय प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुँचाने के सरकार के संकल्प को दर्शाते हैं।

मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 88.41 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। परियोजना से मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के 12 ग्रामों में 3500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासनिक एवं प्रबंधन अकादमी, भोपाल के परिसर में की जाएगी। संस्थान का उद्देश्य वित्तीय प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित सभी स्तरों के कार्मिकों को केंद्रीकृत एवं मानकीकृत प्रशिक्षण प्रदान करना होगा, जिससे विभागीय कार्यकुशलता, वित्तीय अनुशासन तथा पारदर्शिता में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में संचालित 7 लेखा प्रशिक्षण शालाओं का चरणबद्ध एकीकरण कर राज्य स्तरीय एकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था स्थापित की जायेगी। संस्थान के लिए पद सृजन पर राज्य शासन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। तीन वर्षों 2026-27, 2027-28, 2028-29 में स्थापना और संचालन के लिए वित्तीय लागत लगभग 26 करोड़ रूपये आयेगी।

8 योजनाओं के लिए 2030-2031 तक निरन्तरता और 2952 करोड़ रूपये का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत 8 योजनाओं की 2030-2031 तक निरन्तरता और लगभग 2,952 करोड़रूपये का अनुमोदन दिया गया है। इसमें मध्यप्रदेश नगरीय अधोसंरचना विकास निधि का 2026-2027 से 2030-2031 तक निरन्तरता और 1,317 करोड़ 62 लाख रूपये का अनुमोदन किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, आबकारी सामग्री की खरीद, विभागीय दुकानों का संचालन एवं कार्यालय भवनों का निर्माण का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरतंरता और 120 करोड़ 98 लाख रूपये का अनुमोदन किया गया है। इसी तरह स्टॉम्प्स की लागत के लिए 806 करोड़ रूपये और मुख्यालय स्थापना व्यय एवं जिला कार्यपालिक स्थापना के लिए 1,428 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है।

वन क्षेत्र में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण के लिए 5,215 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य आयोजना के प्रावधानों के अनुसार वन क्षेत्रो में पुनरुत्पादन, पुनर्स्थापना एवं संरक्षण कार्यवृत्तों में उपचार कार्य के लिए 01 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक कुल 05 वर्षो के लिए 5,215 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष उपचार कार्यों के साथ-साथ विगत वर्षों में कराए गए कार्यों का रखरखाव भी सम्मिलित है।

चना एवं मसूर का वर्तमान वित्तीय वर्ष सहित तीन वर्ष में उपार्जन के लिए 3,174 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) के लिए चना एवं मसूर के कुल उपार्जन लागत राशि 7,050 करोड़ की 15 प्रतिशत कार्यशील पूँजी ऋण प्राप्त किये जाने के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष सहित 3 वर्ष के उपार्जन कार्य के लिए3,174 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 1,058 करोड़ रूपये 1 वर्ष की अवधि के लिए, रबी विपणन वर्ष 2027-28 के लिए 1,058 करोड़ रूपये 1 वर्ष की अवधि के लिए एवं रबी विपणन वर्ष 2028-29 के लिए 1,058 करोड़ 1 वर्ष की अवधि के लिए निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति अथवा अग्रिम राशि विपणन संघ को उपलब्ध कराई जाने का निर्णय लिया गया है।

भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को लाभान्वित किये जाने के लिए रबी विपणन वर्ष 2026-27, रबी विपणन वर्ष 2027-28 एवं रबी विपणन वर्ष 2028-29 में दलहनी फसलों-चना एवं मसूर का उपार्जन किया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल द्वारा उपार्जन किया जाएगा। भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर के कुल उत्पादन का 100 प्रतिशत उपार्जन किया जायेगा। चना एवं मसूर के उपार्जन में मंडी शुल्क में छूट प्रदान की जायेगी।

आर.टी.ई. के तहत अशासकीय विद्यालयों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम अनुसार गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये फीस प्रतिपूर्ति योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक की निरंतरता के लिए राशि 3,039 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकें प्रदाय करने के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में अध्ययरत छात्र छात्राओं के लिए निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनान्तर्गत 2026-27 से 2030-31 तक 5 वर्ष के लिए प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत मूल्य वृद्धि तथा नामांकन में वृद्धि के मान से लाभान्वित होने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर 693 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी ।

निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना में प्रदेश के समस्त शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत् छात्र छात्राओं को पाठ्य पुस्तक निगम से पुस्तकें मुद्रित कराकर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पीएमश्री स्कूल योजना के वर्ष 2031 तक विस्तार के लिए राज्यांश 940 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी । पीएमश्री स्कूल एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, भारत सरकार द्वारा पीएमश्री स्कूल योजना को सितंबर 2022 में अनुमोदित किया गया जिसका उद्देश्य चयनित विद्यालयों को 5 वर्षों की अवधि में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 अनुरूप अनुकरणीय विद्यालयों (Exemplar Schools) के रूप में विकसित करना है। इसमें अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षण अधिगम सुधार, अनुभवात्मक अधिगम, डिजिटल लर्निंग, मूलभूत साक्षरता-संख्यात्मकता, हरित एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण तथा छात्रों की शैक्षणिक दक्षता में वृद्धि पर बल दिया जाता है।  विद्यार्थियों को प्रतिमाह 10 हजार प्रदाय किए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा दिल्ली में उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना में जनजातीय कार्य विभाग की भांति प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह 10 हजार रूपये के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजनांतर्गत प्रति वर्ष 100 नवीन विद्यार्थियों एवं पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों सहित प्रवेश दिया जाकर लाभांवित किया जाएगा। इसमें 50 नवीन स्नातक, 50 नवीन स्नातकोत्तर और 50 पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष के मान से 1.80 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है।उज्जैन में एयरबस विमानों के संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ की स्वीकृति

भारत सरकार की RCS-UDAN योजना के तहत उज्जैन स्थित शासकीय हवाई पट्टी को बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिये विकास/विस्तार करने के लिये राज्य सरकार एवं भाविप्रा के मध्य आवश्यक अनुबंध एवं MOU निष्पादित हो चुका है। योजना में राज्य सरकार द्वारा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को भूमि उपलब्ध कराई जाती है। मंत्रि-परिषद द्वारा इस कार्य के लिए कुल 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने और राशि 590 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

उज्जैन, देश-विदेश में धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जहाँ 12 ज्योर्तिलिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर एवं सांदीपनी आश्रम स्थित है तथा सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन भी होता है, जिससे यहां पर काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को दूरस्थ क्षेत्रों से आवागमन होता रहता है। विक्रम उ‌द्योगपुरी एवं अन्य औ‌द्योगिक क्षेत्रों के कारण औ‌द्योगिक गतिविधियों में तेजी से वृ‌द्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त उज्जैन कृषि एवं सेवा क्षेत्र की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण एवं विकासशील नगर है, इसलिए हवाई पट्टी का उन्नयन आवश्यक है।

NEWS NATIONAL WORLD's avatar

By NEWS NATIONAL WORLD

NNW NEWS NATIONAL WORLD MP/CG NEWS, समाचार, क्राइम, जन समस्या, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, सामाजिक,इत्यादि। मीडिया समूह का ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल है, जो की राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, जीवन शैली, कला संस्कृति, पर्यटन से जुड़ी खबरों को हिंदी भाषा में एक ही स्थान पर लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज के साथ प्रदान करता है। अंकुल प्रताप सिंह,बघेल +91 8516870370 सब एडिटर गौरव जैन इंदौर +91 98276 74717 सह संपादक आमिर खान इंदौर +91 9009911100, प्रदीप चौधरी, संभाग ब्यूरो चीफ इंदौर +919522447447, रीवा जिला ब्यूरो चीफ कुशमेन्द्र सिंह +91 94247 01399.

Leave a Reply

You missed

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading