भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फर्म विकास निगम के सहायक प्रबंधक लालसिंह को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के मामले में 23 साल बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने 24 मार्च को आदेश जारी कर लालसिंह की सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही उनके द्वारा प्राप्त पूरे वेतन की वसूली और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।विभागीय सूत्रों के अनुसार, लालसिंह ने साल 2002 में विशेष भर्ती अभियान के तहत सहायक प्रबंधक पद पर नियुक्ति पाई थी। इस दौरान उन्होंने जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जमा किए थे, जो अब फर्जी साबित हुए हैं। 23 वर्ष की नौकरी के दौरान उन्होंने करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किए।इस मामले का खुलासा फरवरी में दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में हुआ था, जिसमें दस्तावेजों के साथ तथ्य सामने रखे गए थे। रिपोर्ट के बाद विभाग ने लालसिंह को अपना पक्ष रखने के लिए कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन उन्होंने मूल दस्तावेजों की कॉपी पेश नहीं की।RTI से खुला राज: शिकायतकर्ता कर्मवीर चौहान ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत लालसिंह के दस्तावेज जुटाए थे। RTI से पता चला कि लालसिंह ने जिस प्रकरण क्रमांक 2296 (दिनांक 19 अगस्त 2003) वाले जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया, वह ग्वालियर के गोपालपुरा निवासी चंद्र किशोर यादव (पिता: चतुर्भुज सिंह) के नाम से जारी हुआ था। यानी लालसिंह ने किसी और व्यक्ति के प्रमाण पत्र का गलत इस्तेमाल किया।लालसिंह उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी बताए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने मध्य प्रदेश का फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी।निगम प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। अब लालसिंह से 1.5 करोड़ रुपये की वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है और पुलिस में FIR दर्ज कराने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।यह मामला सरकारी नौकरियों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठ की समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बांग्लादेश में बस हादसा: पद्मा नदी में गिरी बस, 23 यात्रियों की मौत रामनवमी: सर्वशक्तिशाली होते हुए भी मर्यादा पुरूषोत्तम हैं श्रीराम