मिडिल ईस्ट संकट पर सर्वदलीय बैठक: टीएमसी का बहिष्कार, राहुल गांधी भी नहीं पहुंचेनई दिल्ली, 25 मार्च 2026: ईरान-इजरायल युद्ध और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तेजी से बिगड़ते हालात को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है, लेकिन इसमें प्रमुख विपक्षी दलों की अनुपस्थिति ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बैठक का पूरा बहिष्कार कर दिया, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केरल में रैली कार्यक्रम के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत की स्थिति और सुरक्षा उपायों पर ब्रिफिंग दे रहे हैं।सरकार ने इस बैठक को बुलाकर सभी दलों को मिडिल ईस्ट संकट के प्रभाव, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा का मौका दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पहले ही कहा था कि देश को हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए। क्यों हुआ बहिष्कार और अनुपस्थिति? TMC ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया, जबकि राहुल गांधी ने एक दिन पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि केरल में उनका पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है। उन्होंने कहा, “सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए, लेकिन सरकार ने संरचनात्मक गलती की है।” बाद में खबर आई कि राहुल गांधी केरल रैली नहीं पहुंचे और उनकी जगह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधित करेंगे।विपक्षी दलों का कहना है कि बैठक की बजाय संसद में पूर्ण बहस होनी चाहिए, न कि सिर्फ ब्रिफिंग। View this post on Instagram ईरान की 7 शर्तें दूसरी ओर, ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर तेहरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका के सामने सात प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें शामिल हैं: – भविष्य में ईरान पर कोई सैन्य हमला न करने की गारंटी – युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण – ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं – बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई रोक न हो – गल्फ क्षेत्र में अमेरिका के सभी सैन्य बेस बंद किए जाएं – इजरायल की ओर से हिजबुल्लाह पर हमले बंद किए जाएं ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि इन शर्तों के बिना युद्ध जारी रहेगा।प्रभाव और चिंता मिडिल ईस्ट संकट से भारत पर तेल कीमतों, आपूर्ति और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है। सरकार ने सात एम्पावर्ड ग्रुप्स बनाए हैं, जो ईंधन, उर्वरक और अन्य क्षेत्रों में प्रभाव को कम करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब केरल विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और विपक्ष सरकार पर विदेश नीति में अमेरिका-इजरायल पक्षपात का आरोप लगा रहा है।टीएमसी बहिष्कार, राहुल अनुपस्थित: मिडिल ईस्ट पर सर्वदलीय बैठक में सियासी गहमागहमीनई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में TMC ने बहिष्कार किया, राहुल गांधी केरल कार्यक्रम के चलते नहीं पहुंचे। ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए 7 शर्तें रखीं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत एक और सख्त कार्रवाई इंदौर में सनसनीखेज मामला: दुष्कर्म पीड़िता पर देर रात व्हाट्सएप कॉल कर शिकायत वापस लेने का दबाव