नई दिल्ली, 25 मार्च 2026: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। फिलीपींस दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने इस युद्ध के कारण राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है, जबकि भारत में भी LPG की भारी कमी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल से राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। View this post on Instagram View this post on Instagram फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने मंगलवार को कार्यकारी आदेश संख्या 110 जारी कर राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकालयुग घोषित किया। देश 98 प्रतिशत तेल खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है और ईरान युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ हरमुज प्रभावित होने से डीजल-पेट्रोल की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं। सरकार ने एक मिलियन बैरल अतिरिक्त तेल खरीदने की योजना बनाई है, साथ ही होर्डिंग-मुनाफाखोरी पर सख्ती और जनता को राहत पैकेज देने की घोषणा की है। यह आपातकाल एक साल तक चलेगा और इसमें खाद्य, दवा तथा परिवहन आपूर्ति को भी नियंत्रित किया जाएगा। View this post on Instagram View this post on Instagram इजरायली राजदूत रौवेन अजार ने भारत में दिए बयानों में कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल इंडस्ट्री और न्यूक्लियर क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान कई साल पीछे चला गया है और यदि वह सहयोग नहीं करता तो अमेरिका-इजरायल मिलिट्री और डिप्लोमैटिक प्रयास जारी रहेंगे। अजार ने भारत के साथ दोनों देशों (ईरान और इजरायल) के मजबूत संबंध बनाए रखने की भी बात कही।भारत में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने ट्रंप के दबाव में ईरान से दोस्ती तोड़ ली, इजरायल के साथ रिश्ते बढ़ाए और अब देश अपमान सह रहा है। उन्होंने पूछा- “इस पूरे घटनाक्रम में भारत को क्या हासिल हुआ? सिर्फ अपमान।”दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात समेत पूरे देश में LPG की कमी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोरबी में सैकड़ों उद्योग बंद हो गए हैं और एक करोड़ से ज्यादा रोजगार खतरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति और युद्ध का “बहाना” बनाकर महंगाई बढ़ाई जा रही है। सोशल मीडिया पर खान सर जैसे प्रभावशाली आवाजें भी इसी मुद्दे पर जनता की नाराजगी व्यक्त कर रही हैं।विश्लेषकों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हरमुज के प्रभावित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर विकासशील देशों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। फिलीपींस जैसे देशों में आपातकाल की घोषणा इस संकट की गंभीरता को दर्शाती है, जबकि भारत जैसे बड़े आयातक देशों में घरेलू स्तर पर राहत उपायों की मांग बढ़ रही है।सरकार की ओर से अभी कोई बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावरी दे रहे हैं कि यदि युद्ध लंबा खिंचा तो महंगाई और आपूर्ति संकट और गहरा सकता है। View this post on Instagram View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मोदी युग में भारत वाकई बदला, मगर गया तो पीछे! इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में ऑपरेशन क्लीन के तहत एक और सख्त कार्रवाई