प्रदीप चौधरी। भिंड जिले के लहार में भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा (गुड्डू) द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लहार के विद्युत विभाग की एक अधिकारी को हटा दिया गया है और उन्हें ग्वालियर विजिलेंस में अटैच कर दिया गया है। विधायक अंबरीश शर्मा रविवार को लहार के भाटनताल मैदान में धरने पर बैठे थे। उनका धरना मुख्य रूप से तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर था— – अनुसूचित जाति समाज के आम रास्ते पर हुए अतिक्रमण को न हटाना, – सिंध नदी की रेत खदानों के बंद होने से स्थानीय स्तर पर प्रभावित हो रही आजीविका, – बिजली विभाग के अधिकारियों का मनमाना रवैया और क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी। धरने में सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि वे क्षेत्र की जनता के दर्द को लेकर अपनी ही सरकार के सामने खड़े हुए हैं, लेकिन जनहित के लिए लड़ाई जारी रहेगी। कुछ घंटों के धरने के बाद प्रशासन से आश्वासन मिलने पर विधायक ने धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने क्षेत्र की जनता के दर्द को समझा और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।” इस बीच, भाजपा के स्थानीय संगठन ने विधायक को तलब किया है, जहां इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। यह घटना लहार क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों की मांग को तेज करने वाली साबित हुई है, जहां विधायक ने जनता के हित में सख्त रुख अपनाकर बड़ा संदेश दिया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अन्य लंबित मुद्दों पर भी जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। अंबरीश शर्मा (गुड्डू) का राजनीतिक सफरअंबरीश शर्मा, जिन्हें गुड्डू शर्मा के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के भिंड जिले की लहार विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वर्तमान विधायक हैं। उनका जन्म 1975 में हुआ था और वे एक संघर्षशील राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने विभिन्न पार्टियों से जुड़कर लहार क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। राजनीतिक शुरुआत और भाजपा में सक्रियता– अंबरीश शर्मा ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2003 में भाजपा से की। उस वर्ष उन्हें लहार से पार्टी का टिकट मिला, लेकिन वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह से हार गए।– 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिससे उनका राजनीतिक सफर कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।बसपा में प्रवेश और वापसी– 2018 के विधानसभा चुनाव में जब भाजपा से टिकट नहीं मिला, तो अंबरीश शर्मा ने पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (BSP) जॉइन कर ली।– वे BSP के टिकट पर लहार से चुनाव लड़े, लेकिन इस बार भी सफलता नहीं मिली और वे हार गए। भाजपा में पुनः प्रवेश और बड़ी जीत– 2018 के बाद वे फिर से भाजपा में शामिल हो गए।– 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें लहार से उम्मीदवार बनाया। इस बार उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद सिंह को हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की। उन्होंने 75,347 वोट प्राप्त किए और लहार में कांग्रेस का लंबे समय से चला आ रहा गढ़ ढहा दिया।– यह उनकी पहली बार विधायक बनने की सफलता थी, जिसके बाद वे मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। वे वर्तमान में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। विधायक के रूप में सक्रियताविधायक बनने के बाद अंबरीश शर्मा ने क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय रुख अपनाया है। वे जनता के दर्द को लेकर धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठा चुके हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव बनाकर कई कार्रवाइयां करवाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उनकी कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। हालांकि, कुछ विवादास्पद बयानों और वायरल वीडियोज के कारण भी वे सुर्खियों में रहे हैं।अंबरीश शर्मा का सफर संघर्ष, पार्टी बदलाव और अंततः सफलता की मिसाल है। लहार क्षेत्र के लोगों के बीच वे लोकप्रिय बने हुए हैं और विकास कार्यों तथा जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नागरिक परिक्रमा इंदौर पुलिस की बड़ी सफलता: हॉटस्पॉट चेकिंग में अवैध देशी पिस्टल के साथ 2 शातिर आरोपी धराए