उज्जैन। शहर की पुलिस ने साइबर अपराध और अन्य धाराओं में स्काई कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तीन संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी संचालक शास्वत विकल, श्लोक विकल और उबैद कुरैशी हैं। कंपनी पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(1), 319(1), 61(2), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D, 72, 72A के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया है। ये धाराएं मुख्य रूप से धोखाधड़ी, साइबर अपराध, डेटा चोरी और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं। जांच के दौरान कंपनी के परिसर से 9 कीपैड मोबाइल फोन, मोबाइल नंबर लिखी हुई 4 कॉपियां, उपस्थिति रजिस्टर और 2 लैपटॉप जब्त किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि कंपनी में कुल 12 कर्मचारी (9 लड़कियां और 3 लड़के) कार्यरत थे, जिन्हें मात्र 8 से 9 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था। कर्मचारियों ने बताया कि वे सामान्य कार्य कर रहे थे। आरोपियों का विवरण इस प्रकार है: उबैद कुरैशी, पुत्र अफसीन कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी 36 राजा प्रताप मार्ग, बदनावर, जिला धार (मुस्लिम समुदाय)। शास्वत विकल, पुत्र शैलेन्द्र विकल, उम्र 26 वर्ष, वाल्मीकि समुदाय, निवासी B-248, आदर्श नगर, उज्जैन। श्लोक विकल, पुत्र शैलेन्द्र विकल, उम्र 28 वर्ष, वाल्मीकि समुदाय, निवासी B-248, आदर्श नगर, उज्जैन। इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक पाटीदार, उप निरीक्षक हेमंत कटारे, चांदनी पाटीदार, सहायक उप निरीक्षक सरदार भगोरा, आरक्षक महेश मौर्या, अजय चौहान, मनोहर मोहरी और ज्योति हाडा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने सघन जांच और सबूत जुटाने में सक्रिय योगदान दिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला साइबर अपराध और निजी कंपनियों में संभावित अनियमितताओं को लेकर चिंता का विषय बन गया है। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आगरा में भगवान झूलेलाल जयंती की धूम: बॉलीवुड अभिनेता गुलशन ग्रोवर बढ़ाएंगे कार्यक्रम की भव्यता बालाघाट पुलिस लाइन में अमर शहीद आशीष शर्मा मेमोरियल क्रिकेट कप 2026 का सफल समापन