मध्यप्रदेश राजस्व विभाग का बड़ा आदेश 234 नायब तहसीलदारों को प्रभारी तहसीलदार बनाया, 25 मार्च तक कार्यभार संभालने का निर्देशभोपाल, 17 मार्च 2026 मध्यप्रदेश राजस्व विभाग ने नायब तहसीलदारों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय छानबीन समिति की बैठक (6 एवं 12 मार्च 2026) की अनुशंसा पर 234 अधिकारियों को विभिन्न जिलों में प्रभारी तहसीलदार के रूप में तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया गया है। आदेश के अनुसार, स्थानांतरित अधिकारी 25 मार्च 2026 तक नए जिले में कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। प्रभारी तहसीलदार को तहसीलदार की पूर्ण शक्तियां प्राप्त होंगी, लेकिन वे निचले पद (नायब तहसीलदार) का कार्य नहीं करेंगे। मुख्य स्थानांतरण – राजेश कौशिक (जबलपुर → मंडला) – कपिल शर्मा (छतरपुर → राजगढ़) – शालिनी भार्गव (अशोकनगर → गुना) – मयंक तिवारी (अशोकनगर → गुना) – निर्मल पटले (नरसिंहपुर → छिंदवाड़ा) – विकास अग्रवाल (विदिशा → रायसेन) और कई अन्य अधिकारियों को भी नए जिलों में भेजा गया है। अधिकांश अधिकारियों का स्थानांतरण उसी जिले में है, जबकि कुछ को पड़ोसी जिलों में शिफ्ट किया गया। सेवा शर्तें – प्रभारी अवधि में स्थानांतरण नीति लागू रहेगी। – यदि कोई अधिकारी प्रभार लेने से इंकार करता है तो उसका नाम हटाया जा सकता है। – वेतन तहसीलदार के रिक्त पद के विरुद्ध आहरित होगा। – भविष्य में पदोन्नति में इस सेवा को गिना नहीं जाएगा। विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल भारमुक्त कर नए पद पर भेजें। यह आदेश मंत्रि परिषद की नीति के अनुरूप जारी किया गया है। —वित्त विभाग का नया नियम पेंशन-अपदान-सारांशीकरण अब पूरी तरह ऑनलाइन, 1 जनवरी 2005 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदामध्यप्रदेश वित्त विभाग ने म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम-2026 के तहत पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। 13 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार, “पेंशन सॉफ्टवेयर” के जरिए अब पेंशन, उपदान और सारांशीकरण का अवधारण, प्राधिकृत एवं भुगतान होगा। मुख्य प्रावधान– सेवानिवृत्ति से 3 माह पहले कर्मचारी स्वयं ऑनलाइन चेकलिस्ट भरकर प्रकरण सबमिट करेगा। – पेंशन प्रस्तावक अधिकारी (जिला/विभाग स्तर) 1 माह में जांच-पड़ताल कर प्राधिकृत अधिकारी को भेजेगा। – प्राधिकृत अधिकारी 7 दिन में अनुमोदन कर पेंशन/उपदान आदेश जारी करेगा। – भुगतान अगले दिन एग्रीगेटर बैंक के माध्यम से होगा। – मृत्यु/लापता होने पर परिवार पेंशन भी 7 दिन में ऑनलाइन स्वीकृत। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2005 से पहले सेवा में आए कर्मचारियों पर लागू होगी। विभाग ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि नई प्रणाली को तुरंत लागू करें। सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत अब कागजी झंझट खत्म, पेंशन प्रकरण स्वचालित रूप से ट्रैक किए जा सकेंगे। वित्त विभाग ने वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है। दोनों आदेशों से प्रशासनिक व्यवस्था और पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल में नाप तौल विभाग को लगातार दूसरे दिन मिली आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी, जांच में निकली झूठी अंजुमन कमेटी के सदर ने निजी कारणों से दिया इस्तीफा