सिकल सेल जागरूकता के साथ किसानों को कृषि उपकरण व बीज वितरण, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने किया संबोधितझाबुआ में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम एवं कृषि उपकरण एवं बीज वितरण कार्यक्रम में शामिल हुएझाबुआ : राजेश सोनीमध्यप्रदेश के जिला मुख्यालय झाबुआ में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य जागरूकता और आधुनिक कृषि पद्धतियों को साथ लेकर आगे बढ़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी आनुवांशिक बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना तथा किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्यपाल श्री पटेल अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम एवं कृषि उपकरण एवं बीज वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से जनजातीय समुदाय में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके समय पर परीक्षण और उपचार के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के तारतम्य में किसानों को कृषि उपकरण एवं बीज का वितरण भी किया गया।उन्होंने कहा कि यह एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जो लड़के और लड़कियों दोनों में समान रूप से पाया जाता है। इस बीमारी में मरीज के रक्त की लाल कणिकाएं हंसिया के आकार की हो जाती हैं और जल्दी-जल्दी टूटने लगती हैं, जिससे गंभीर एनीमिया, पीलिया तथा तिल्ली के बढ़ने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ये कणिकाएं शरीर के विभिन्न अंगों में फंसकर घुटनों, हाथ-पैर, सीने और पेट में असहनीय दर्द का कारण बनती हैं। कई बार ये मस्तिष्क और हृदय में फंसकर लकवा या हृदयाघात जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न कर सकती हैं, जिससे मरीज की मृत्यु भी हो सकती है।उन्होंने बताया कि इस बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 नवम्बर 2021 को राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया गया था। इस मिशन के प्रथम चरण में झाबुआ और आलीराजपुर जिलों में पायलट परियोजना के रूप में कार्य प्रारंभ किया गया।राज्यपाल ने बताया कि पायलट परियोजना के अंतर्गत अब तक झाबुआ जिले में 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 8 लाख 57 हजार 415 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 16 हजार 667 बाहक तथा 1 हजार 787 सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें नियमित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फोलिक एसिड तथा हाइड्रोक्सी यूरिया की दवाओं के नियमित उपयोग किये जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 30 लाख 95 हजार से अधिक जांचें की जा चुकी हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। साथ ही 1 करोड़ से अधिक डिजिटल कार्ड का वितरण किया गया है। इंदौर में गर्भावस्था के दौरान जांच की सुविधा उपलब्ध है, जबकि भोपाल के एम्स में जन्म के 72 घंटे के भीतर नवजात शिशुओं की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने जिले द्वारा स्क्रीनिंग एवं डिजिटल कार्ड वितरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस दिशा में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए आगे भी जनजातीय समुदाय को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत झाबुआ एवं आलीराजपुर जिले के 300 से अधिक जनजातीय कृषकों को कृषि आदान (कृषि उपकरण एवं बीज) का वितरण किया गया है, जिसकी कुल लागत 36 लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कृषि किट उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि जिले में कई नवाचार किए गए हैं, जिनके माध्यम से विशेष रूप से महिला कृषकों को नए उद्यमों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं तथा कम उत्पादन वाले क्षेत्रों में बेहतर पैदावार के लिए नई तकनीकों और संसाधनों का उपयोग किया जाना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को राज्य शासन द्वारा प्रदान की जा रही सहायता के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयास जनजातीय महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।राज्यपाल ने सिकल सेल से पीड़ित मरीजों से चर्चा कर उनका हालचाल जानाराज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल से पीड़ित मरीजों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना तथा उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को समय-समय पर जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शासन द्वारा सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम और उपचार के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर इस बीमारी से बचाव संभव है।महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जिले में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां की महिलाएं खेती-किसानी से जुड़कर पूरे समर्पण और मेहनत के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल हमारे परिवार के सदस्य की तरह हमारे बीच पधारे हैं और उनकी विशेष प्राथमिकता सिकल सेल उन्मूलन है। उनके नेतृत्व में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जनजातीय समुदाय को इस गंभीर बीमारी से बचाने में मदद मिल रही है।सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए शासन द्वारा स्वास्थ्य एवं कृषि दोनों क्षेत्रों में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, वहीं किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, बीज और तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि के लिए भी कार्य किया जा रहा है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलगुरु श्री ए. के. शुक्ला ने कहा कि जिले में पिछले 42 वर्षों से कृषि विज्ञान केंद्र संचालित है, जो किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, उद्यानिकी के विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सके।ट्राइबल सब प्लान के अंतर्गत कृषि सामग्री वितरणकार्यक्रम में भारत सरकार के ट्राइबल सब प्लान (टीएसपी) कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी किसानों को कृषि कार्यों में उपयोगी विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया। इसके तहत झाबुआ जिले के 250 किसानों को फावड़ा, छाता, बाल्टी, टॉर्च, त्रिपाल, डिब्बलर (हैंड ऑपरेटेड मशीन), वर्मी बेड तथा सब्जी किट जैसी सामग्री प्रदान की गई। इन सामग्रियों की कुल लागत 36 लाख 42 हजार 500 रुपये है। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।हितलाभ वितरणकार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए।स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित हितलाभ प्रदान किए गए। श्रीमती जेनीता को सिकल सेल रोगी कार्ड वितरित किया गया। श्री आरव धनसिंह डामोर तथा सुश्री मुस्कान मावी को सिकल सेल रोग यूआईडी कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही सुश्री रेखा डामोर को जिले की पहली बालिका के रूप में एचपीवी टीकाकरण कार्ड वितरित किया गया।उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत हितग्राहियों को अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। श्रीमती ममता भूरिया को नमकीन इकाई स्थापित करने हेतु 9,00,000 रुपये लागत की इकाई का अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। वहीं श्रीमती बसंती वसुनिया को मसाला इकाई स्थापित करने हेतु 4,50,000 रुपये लागत की इकाई का अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के सूक्ष्म सिंचाई घटक (PDMC) के तहत किसानों को लाभ प्रदान किया गया। श्री मुनसिंह रावला राठौर को ड्रिप सिंचाई इकाई का लाभ दिया गया। इसी प्रकार श्रीमती कमली केवला भूरा को स्प्रिंकलर इकाई का लाभ प्रदान किया गया।विशेष भेंटसिकल सेल से पीड़ित सुश्री जानकी डावर द्वारा राज्यपाल को स्वयं के द्वारा बनाई गई चित्रकला भेंट की गई।एकीकृत कृषि प्रणाली इकाई एवं बीज गोदाम का वर्चुअल लोकार्पणइस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, आलीराजपुर में स्थापित एकीकृत कृषि प्रणाली इकाई एवं बीज गोदाम का वर्चुअल लोकार्पण रिमोट का बटन दबाकर किया गया।कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री गुमान सिंह डामोर, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह एवं जनप्रतिनिधिगण, अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp 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