इंदौर में नंबर-1 स्वच्छ शहर की पोल खोलती मौत: चोइथराम मंडी में जहरीली गैस ने छीनी दो गरीब सफाईकर्मियों की जिंदगियां, निगम की लापरवाही का खौफनाक चेहरा! स्वच्छता का नंबर-1 ढोंग! इंदौर के ‘स्वच्छ’ सीवर में दो गरीब मजदूरों की जहरीली मौत – निगम सोया, अफसर गायब! इंदौर। अंकुल प्रताप सिंह, बघेल/प्रदीप चौधरी।। इंदौर, जो स्वच्छता के नाम पर देश-दुनिया में तालियां बटोरता है, उसी शहर में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। चोइथराम सब्जी मंडी गेट के पास सीवर चैंबर की सफाई के दौरान दो नगर निगम सफाईकर्मी – करण यादव और अजय डोडिया – जहरीली गैस (मीथेन-हाइड्रोजन सल्फाइड) की चपेट में आकर दम घुटने से मारे गए। एक साथी बेहोश हुआ, जिसे बाद में सुरक्षित निकाला गया, लेकिन दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं। विशेष सूचनाहोली के त्योहार पर आपको होली की बधाई, शादी के इनविटेशन या अन्य प्रोग्राम के नाम पर एपीके फाइल भेजी जाएगी जिसे आपको डाउनलोड नहीं करना है। अन्यथा आपका व्हाट्सएप अकाउंट पूरी तरह हैक होजाएगा। अंजन लिंक पर भी क्लिक नहीं करना है। View this post on Instagram हादसा तब हुआ जब सफाई के दौरान सक्शन टैंकर का पाइप टैंक में गिर गया। बिना किसी सुरक्षा उपकरण – न ऑक्सीजन मास्क, न गैस डिटेक्टर, न सेफ्टी हार्नेस – के कर्मचारी अंदर उतरे। एक साथी को बचाने दूसरा भी कूद पड़ा और दोनों मौत के मुंह में समा गए। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ाई गईं – जहां स्पष्ट है कि बिना सुरक्षा किट के सीवर में उतरना प्रतिबंधित है। फिर भी निगम की आधुनिक मशीनरी और तकनीक दिखावे तक सिमट गई!हादसे के बाद निगम के बड़े अधिकारी पहुंचना तक नहीं समझे! सूत्रों के मुताबिक इतने बड़े हादसे के बावजूद जिम्मेदार लोग सोते रहे, जबकि गरीब परिवार मातम में डूब गए। होलिका दहन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर में मातम का माहौल बना दिया।कब तक आमजनता और सफाईकर्मी निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे? हर गली-मोहल्ले में सड़क खुदाई, ट्रैफिक जाम, हादसे – और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्ण की नींद में सोए हुए! इंदौर का नाम रोशन करने वाले नेता-प्रशासन भागीरथपुरा जैसे मामलों में पानी पीने से मना कर देते हैं, लेकिन सफाईकर्मियों की जान जोखिम में डालकर स्वच्छता का ढोंग रचाते हैं।जागो इंदौर! जागो जनप्रतिनिधियों!क्या ये शहर वाकई स्वच्छ है, या सिर्फ आंकड़ों का खेल? क्या गरीब मजदूरों की जान इतनी सस्ती है? निगम प्रशासन को जवाब देना होगा – जिम्मेदार कौन? ऐसे हादसे अब बंद होने चाहिए, वरना स्वच्छ भारत का सपना सिर्फ कागजों पर रह जाएगा! View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सिरमौर पुलिस ने होली और रमजान को लेकर नगर में किया फ्लैग मार्च प्रेम विवाह के बाद धमकियों और मारपीट का आरोप: सेमरिया थाना में शिकायत, पुलिस कार्रवाई का इंतजार