भोपाल, प्रदीप चौधरी। 26 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीतों के पुनर्वास परियोजना अब ‘सफेद हाथी’ साबित हो रही है। विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुलासा किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में चीतों के भोजन के लिए बकरी का मटन (मीट) खरीदने पर कुल 1,27,10,870 रुपये खर्च हुए। यानी औसतन रोजाना करीब 35,000 रुपये केवल इनके खाने पर लग रहे हैं।सरकार ने बताया कि वर्तमान में कूनो वाइल्डलाइफ डिवीजन में कुल 32 चीते मौजूद हैं। हालांकि चीतों के लिए जंगल में चीतल जैसे प्राकृतिक शिकार छोड़े जाते हैं, लेकिन चीतों को बकरी का मीट ज्यादा पसंद आता है। इसलिए जरूरत के अनुसार उन्हें बकरी का मांस उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चीतों के भोजन के लिए अलग से कोई विशेष बजट आवंटित नहीं किया गया है, बल्कि प्रबंधन और चिकित्सीय देखभाल से जुड़ी योजनाओं के तहत यह खर्च होता है। साथ ही, दिन में कितने बकरे खिलाए जाते हैं, इसका कोई तय मानक नहीं है—जरूरत अनुसार मीट दिया जाता है।विधायक मुकेश मल्होत्रा ने सदन में आरोप लगाया कि कूनो जंगल में चीतों को पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा, जिस कारण वे पार्क की सीमा से बाहर निकलकर आसपास के गांवों में बकरियों और अन्य मवेशियों का शिकार कर रहे हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत है और उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने जवाब में माना कि जंगल खुला होने से कभी-कभी चीते गांवों में जाकर बकरियां या अन्य जानवरों का शिकार कर लेते हैं।इस बीच, सरकार चीतों को कूनो से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित भी कर रही है। कुछ चीतों को ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना और यहां तक कि राजस्थान तक भेजा जा रहा है, ताकि पार्क में घनत्व कम हो और प्रबंधन आसान हो।प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का यह पुनर्वास देश में 70 साल बाद चीतों की वापसी का ऐतिहासिक कदम था, लेकिन रखरखाव का भारी खर्च और स्थानीय संघर्ष अब इसे विवादास्पद बना रहे हैं। विपक्ष इसे सरकारी संसाधनों की बर्बादी बता रहा है, जबकि सरकार इसे संरक्षण और जैव-विविधता बढ़ाने का प्रयास करार दे रही है। इस खुलासे से विधानसभा में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्य प्रदेश विधानसभा में सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने उठाया प्रभावित आदिवासियों का मुद्दा; JPC जांच की मांग पर विपक्ष का वॉकआउट भोपाल में विभागीय संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक: नवीन श्रम संहिताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श, आगामी कार्ययोजना तय