भोपाल। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपानीत केन्द्र सरकार की जमकर बखियां उधेड़ीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से देश बेचने की डील की। उन पर एपस्टीन और अडाणी के केस का दबाव है और इसी वजह से उन्होंने हिंदुस्तान और किसानों का डेटा अमेरिका को बेच दिया। मालूम हो कि कांग्रेस ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के विरोध में भोपाल में किसान महा चौपाल बुलाई थी। किसान चौपाल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। मैं चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर बात रखना चाहता था। मैंने लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की बात रखी थी, उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि जब चीनी घुसपैठ हुई थी तो उन्हें हिंदुस्तान की सरकार ने अकेला छोड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण बाद पहले वाला प्रतिपक्ष का नेता होता है। यह हर साल हुआ। देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलते नहीं दिया गया। मैंने अपने भाषण शुरू किया मुझे रोका गया फिर शुरू की रोका गया मैंने नरवाडे जी की बात उठाई उन्होंने किताब लिखी है उसमें साफ लिखा जब चीन के टैंक हिंदुस्तान की बाउंड्री के अंदर आ रहे थे तो उन्होंने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और पूछा मेरे लिए आर्डर क्या है।राजनाथ सिंह जी ने जवाब नहीं दिया उसके बाद अजीत डोभाल को फोन किया कि चीन के हिंदुस्तान के अंदर आ रहे हैं मुझे क्या करना चाहिए आर्डर बताइए। कोई जवाब नहीं दिया उसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर को फोन किया आर्मी के में उनसे कहा कि देखिए चीन की आर्मी टैंक हमारे सीमा में आ रहे हैं मुझे क्या करना है कोई जवाब नहीं दो घंटे बाद फिर से नरवाडे जी ने रक्षा मंत्री को फोन किया कहते हैं प्रधानमंत्री से पूछिए मेरे लिए आर्डर क्या है यह सवाल इसलिए पूछ रहे थे चीनी सी पर फायर करने का निर्णय प्रधानमंत्री को लेना पड़ता है युद्ध का निर्णय आर्मी की नहीं ले सकता है वह मिलिट्री डिसीजन नहीं होता है वह राजनीतिक निर्णय होता है और वह प्रधानमंत्री लेता है चीन की आर्मी अंदर आ रही है कोई जवाब नहीं, उसके बाद राजनाथ सिंह जी प्रधानमंत्री को कॉल करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच समझौता चार महीने के लिए रुका हुआ था। ये कृषि के मामले पर रुका था। हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की कंपनियां, सोया, कपास, भुट्टा हिंदुस्तान में बेच पाएं। हिंदुस्तान का कोई किसान और नेता नहीं चाहता। चार महीने चर्चा बंद पड़ी थी। राहुल ने कहा कि मैं सिर्फ नरवणे की बात नहीं कहना चाहता था और भी बातें थीं। हिंदुस्तान के इतिहास में इस साल पहली बार लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन का बोलने नहीं दिया गया। मैंने स्पीच शुरू की। मुझे रोका गया। फिर शुरू की, फिर रोका गया। मेरा भाषण खत्म होते ही उसी दिन पीएम ने ट्रंप को फोन लगाया। ट्रंप ने ट्वीट किया है कि हिंदुस्तान के पीएम ने मुझे फोन किया और कह दिया कि यूएस इंडिया डील को मैं साइन करने को तैयार हूं। राहुल ने कहा कि आप गडकरी जी, शिवराज जी से पूछिए। क्या किसी से बात की उन्होंने। बिना कैबिनेट से पूछे हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हमारा सारा डेटा दे दिया। राहुल ने यहां एपस्टीन का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में लाखों फाइल, एपस्टीन की फाइल बंद पड़ी हुई हैं। तीस लाख फाइल। उसमें ईमेल है, मैसेज हैं, वीडियो हैं। वो रिलीज नहीं हुई हैं। बंद पड़ी हैं। धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज किया है। राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि वो मेरा मित्र नहीं है। नरेंद्र मोदी जी आप बताइए अनिल अंबानी से आपका रिश्ता क्या है? अनिल का नाम एपस्टीन फाइल में है। राहुल ने कहा कि अडाणी है मामूली कंपनी नहीं है। ये बीजेपी का, नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। एक बात ये भी है कि अमरिका में अडाणी पर क्रिमनल केस है। अडाणी अमरीका नहीं जा सकते हैं। डरे हुए हैं कि मैं गया तो पकड़ लेंगे। दरअसल, उस केस का लक्ष्य अडाणी नहीं, नरेंद्र मोदी है। वो तीर अडाणी की तरफ नहीं, नरेंद्र मोदी की तरफ मारा जा रहा है। यही सब कारण हैं कि पीएम मोदी ने दबाव में अमेरिका को सब दे दिया। राहुल बोले कि मैं लिखकर दे सकता हूं, अगर मोदी पर दबाव और धमकी नहीं होती तो वे ऐसा नहीं करते। ये जो बेचा है अपनी छवि और राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए किया लेकिन वे बच नहीं सकते। मैं कांग्रेस के बब्बर शेरों से कहता हूं, आप किसी से डर नहीं सकते। आपने इंडस्ट्री बनाई, मोदी ने खत्म किया। आपको डरने की जरूरत नहीं है। राहुल ने कहा कि टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को खत्म किया। टेक्स्टाइल में जीरो परसेंट टैक्स लगाएंगे। हमारा मंत्री कहता है कि हिंदुस्तान अमेरिका से कपास खरीदेगा। ट्रंप कहता है कि हर साल हिंदुस्तान को नौ लाख करोड़ रुपए का माल अमेरिका से खरीदना पड़ेगा पांच साल के लिए। ऐसे में हमारी इंडस्ट्री का क्या होगा? राहुल ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रंप टैरिफ को रद्द करेंगे और रद्द कर दिया। बाकी देशों ने भी कर दिया, लेकिन नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। पीएम मोदी कुछ नहीं कर सकते क्योंकि अडाणी का केस है। एपस्टीन की धमकी है। उन्होंने भोपाल के मंच से पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आपमें हिम्मत है तो अमेरिका क साथ ट्रेड डील को रद्द कीजिए।—- मोदीजी को भी अपना नाम बदल लेना चाहिएकिसान सम्मेलन को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी संबोधित किया। खरगे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरेंडर मोदी कहो भाई। ट्रेड डील में जो हुआ हम कठिन दौर से गुजर रहे है, संविधान खतरे में है। मोदी आठ दस साल पहले ट्रंप को दोस्त बताते थे। ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा, प्रेस वार्ता भी नहीं करता, संडे के दिन मन की बात कहने वाला प्रधानमंत्री संसद में आकर बोले। कांग्रेस ने ब्रिटिश को बदला तुम तो सरेंडर हो गए। देशभक्ति किसान और युवाओ में है, मोदी जी खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेते हैं, आप देशभक्त होते तो उनके सामने नाक नहीं रगड़ते। उन्होंने देश को बेच दिया। किसानों के साथ छल किया। खड़गे ने कहा कि जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के फल को भी दाम नहीं मिलेगा। अन्य चीजे भी जुड़ेगी। सोनिया गांधी ने राइट टू वर्क और राइट तो एजुकेशन लाए। वो सिर्फ सड़को के नाम बदल रहे, मोदी जी आपका नाम बदलना ही बाकी है। ट्रंप की हर बात को मोदी कहते हैं यस सर। पहले भारत को अमेरिका से व्यापार में चालीस बिलियन का फायदा होता था। समझौता बराबरी में होता है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना। हिटलर जैसा प्रधानमंत्री व्यवहार कर रहे हैं। किसान की रोटी पर हमला मजूर नहीं है। भारत आत्मनिर्भर रह जीना चाहता है।मोदीजी रोज उठकर चाय पर बात करते थे, तो क्या देश को बेचने की बात करते थे। मोदीजी कांग्रेस शासन में पैदा हुए, उन्हें अपना नाम बदल लेना चाहिए। खड़गे ने पीएम मोदी की असफलताएं गिनाते हुए कहा कि वो हर मोर्चे पर नाकामयाब रहे हैं। देश का आपने अपमान किया और स्वाभिमान को ट्रम्प के सामने गिरवी रख दिया । देश बचाने और जान देने वाले हम । हमारे पास गोडसे नहीं गांधी है, अब देश को बचाने के लिए राहुल गांधी है। — इन्होंने भी किया संबोधितप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत और अमेरिका के बीच नहीं नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हुई है। यदि भारत और अमेरिका के बीच होती तो भारत के हितों का ध्यान रखा जाता। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है, जिसने किसानों का कर्ज माफ किया था। सबसे ज्यादा ट्रेड डील से नुकसान मध्य प्रदेश के किसानों को होने वाला है। गेहूं मक्का सोयाबीन सरसों के किसानों को सबसे बड़ा नुकसान होने वाला है। कपास के दाम 11 प्रतिशत गिर गए। जब विदेश से दूध आएगा तो फिर यहां के पशुपालक का क्या होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी संबोधित किया। मालूम हो कि अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते के विरोध में राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस ने किसान महा चौपाल का आयोजन किया। अटल पथ में होने वाले इस सम्मेलन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने मंच पर हल भेंट कर उनका स्वागत किया। किसान सम्मेलन में सागर से आई एक महिला कार्यकर्ता ‘इंडिया नॉट फॉर सेल’ लिखी टी-शर्ट पहनकर विरोध दर्ज कराती दिखी। चैपाल में कई किसान गेहूं की बालियां लेकर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए हैं। बैरिकेड्स से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है। इस वजह से जगह-जगह धक्का-मुक्की भी हुई। राहुल गांधी ने आज भोपाल में ‘किसान महाचौपाल’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को किसानों के दिल में लगाया गया ‘तीर’ करार दिया और इसे देश के हितों के खिलाफ ‘सरेंडर’ बताया।राहुल गांधी ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कुछ टैरिफ़ को रद्द कर दिया है, दुनिया के कई देशों ने अपने समझौतों को फिर से बातचीत के लिए रखा है, लेकिन मोदी जी चुप क्यों हैं? उन्होंने दावा किया कि मोदी जी इस डील को रद्द नहीं कर सकते क्योंकि वे अमेरिकी दबाव में ‘चोक होल्ड’ में फंस चुके हैं और पूरी तरह सरेंडर कर चुके हैं।मुख्य आरोप:– इस डील से भारत का डेटा अमेरिका को सौंप दिया गया है। 21वीं सदी में डेटा सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, और भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा है, जिसके बिना अमेरिका या चीन मुकाबला नहीं कर सकते। लेकिन मोदी जी ने इसे अमेरिका के हवाले कर दिया, जिससे भारत ‘डेटा कॉलोनी’ बनने की ओर बढ़ रहा है।– टेक्सटाइल इंडस्ट्री को खतरा: अमेरिका बांग्लादेश को टेक्सटाइल में 0% टैरिफ़ देने की बात कर रहा है, अगर वे अमेरिकी कपास खरीदें। मोदी सरकार के मंत्री कहते हैं कि भारत भी अमेरिका से कपास खरीदे तो हमारा टैरिफ़ 0% हो जाएगा। लेकिन भारत खुद कपास उगाता है, इसलिए हमें अमेरिकी कपास नहीं चाहिए। अगर हम खरीदें तो अपने किसान तबाह होंगे, नहीं खरीदें तो हमारी पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।– किसानों की तबाही: डील से कृषि क्षेत्र, किसान और आयात क्षेत्र प्रभावित होंगे। राहुल गांधी ने पुरानी घटनाओं जैसे नोटबंदी, जीएसटी, कोविड मैनेजमेंट और तीन कृषि कानूनों का जिक्र कर कहा कि जिन मुद्दों पर उन्होंने मोदी जी को पहले चेताया था, वे आज सच साबित हो रहे हैं।राहुल गांधी ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “आप बब्बर शेर हो, किसी से नहीं डरोगे।” उन्होंने मोदी जी को ‘कंप्रोमाइज्ड’ बताया और कहा कि उनकी आंखों में यह दिखता है। डील को रद्द करने की चुनौती देते हुए बोले, “नरेंद्र मोदी, दम है तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करके दिखाइए।”यह पूरा हमला कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक समझौतों पर केंद्रित है, जिसमें दावा किया गया है कि राष्ट्रीय हितों को बचाने के बजाय व्यक्तिगत या बाहरी दबाव में देश को नुकसान पहुंचाया गया है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल में EOW की बड़ी कार्रवाई: न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में करोड़ों की धोखाधड़ी, कई पदाधिकारियों पर FIR दर्ज फलाहारी महाराज का विवादित ऐलान: आशुतोष ब्रह्मचारी की ‘नाक काटने’ वाले को 21 लाख का इनाम