बागपत (उत्तर प्रदेश), 21 फरवरी 2026 — जनपद बागपत के बसौद गांव में गहरा शोक छा गया है। देश के गौरव और महान देशभक्त, सुप्रसिद्ध समाजसेवी, मशहूर शायर, महान शिक्षक, समाज सुधारक तथा प्रखर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत मास्टर सत्तार अहमद का इंतकाल हो गया। उनके निधन से न केवल बसौद गांव बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।मास्टर सत्तार अहमद बसौद गांव के निवासी थे और युवा चेतना मंच के संस्थापक के रूप में जाने जाते थे। वे 1857 की क्रांति से जुड़े ऐतिहासिक बसौद गांव के क्रांतिकारी वंशज थे, जहां बाबा शाहमल के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष हुआ था। उन्होंने जीवन भर शिक्षा, समाज सेवा, एकता और राष्ट्र की अखंडता के लिए कार्य किया। उनका जन्म 1 दिसंबर 1961 को हुआ था और वे सदैव सादा जीवन, उच्च विचार तथा शांतिप्रिय व्यक्तित्व के प्रतीक रहे।अस्पताल से जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों शुभचिंतक, ग्रामीण और प्रशंसक श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उमड़ पड़े। गांव में गमगीन माहौल था, लेकिन लोगों की आंखों में अपने सपूत के नेक कार्यों के प्रति गर्व साफ झलक रहा था। हजारों लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया और दुआएं पढ़ी गईं।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन ने कहा, “आज देश ने अपना एक महान लाल खो दिया है। मास्टर सत्तार अहमद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। जब तक वे रहे, उन्होंने राष्ट्र की एकता व अखंडता के लिए कार्य किया। वे वीरता, साहस की प्रतिमूर्ति होने के साथ-साथ देशभक्ति की अलख जगाने वाले भारत के उन महान पुरुषों में एक थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया।”विपुल जैन ने आगे कहा, “उनका पूरा जीवन त्याग, मेहनत और सच्चाई की मिसाल रहा। वे शांतिप्रिय थे और सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखते थे। उनकी हर सांस में हिंदुस्तान बसा था। मास्टर सत्तार अहमद जैसा महान व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार जन्म लेता है। मैं उस महामानव को नमन करता हूं जिसने जीवन से ऊपर राष्ट्र को रखा। भले ही सशरीर वे हमारे बीच न हों, लेकिन वे यादों, प्यार और उनके द्वारा किए गए अच्छे कार्यों के माध्यम से हमारे हृदय, हमारी प्रार्थनाओं और प्रदान की गई सुखद स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे और हमारे बीच बने रहेंगे। उनका प्यार हमें जीवन भर मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करता रहेगा।”मास्टर सत्तार अहमद ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया, समाज सुधार के कार्य किए और स्वतंत्रता संग्राम की यादों को जीवित रखा। विभिन्न अवसरों पर उन्हें सम्मानित भी किया गया था। उनका निधन एक युग के अंत की तरह माना जा रहा है।परिवार, ग्रामीणों और प्रशंसकों ने उनके प्रति गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआएं की जा रही हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन शिवपुरी में साइबर ठगों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़: 20 गिरफ्तार, 1 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त प्रयागराज POCSO कोर्ट का बड़ा आदेश: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश