इंदौर, 13 फरवरी 2026: शहर में साइबर और स्ट्रीट लेवल फ्रॉड का नया तरीका सामने आया है, जिसमें महिलाएं और पुरुष जोड़े बनकर रोड साइड दुकानों को अपना शिकार बना रहे हैं। ठग पहले ग्राहक बनकर दुकान पर सामान चुनते हैं, फिर जल्दबाजी दिखाते हुए QR कोड स्कैन करने को कहते हैं। स्कैन के बाद वे नकली पेमेंट सक्सेस स्क्रीन दिखाकर या बहाना बनाकर गाड़ी में बैठकर हजारों रुपए का सामान लेकर फरार हो जाते हैं। दुकानदार को बाद में पता चलता है कि न तो पेमेंट आया और न ही सामान वापस। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां ठग दुकानदार को भरोसा दिलाने के लिए “जल्दी करो, ट्रेन छूट जाएगी” जैसे बहाने बनाते हैं। एक दुकानदार ने बताया, “एक महिला-पुरुष जोड़े ने 1000-1500 रुपए का सामान लिया, QR स्कैन किया, पेमेंट दिखाया और गाड़ी से भाग गए। बैंक में चेक किया तो एक पैसा भी नहीं आया।” पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह UPI/QR आधारित फ्रॉड का एक रूप है, जिसमें ठग नकली ऐप या स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करते हैं। इंदौर में हाल के महीनों में साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं, जिसमें QR कोड से जुड़े फ्रॉड भी शामिल हैं। सतर्कता के उपाय:QR स्कैन करने के बाद तुरंत अपने UPI ऐप (PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) में ट्रांजेक्शन कन्फर्म करें, स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें। बड़े अमाउंट के सामान पर कैश या वेरिफाइड पेमेंट ही लें।संदिग्ध ग्राहकों से डील करते समय CCTV या गवाह रखें।फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। इंदौर पुलिस ने ऐसे मामलों पर नजर रखने की अपील की है। दुकानदारों और नागरिकों से अपील है कि ऑनलाइन पेमेंट में सतर्क रहें, ताकि ठगों का यह खेल रुके। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महाशिवरात्रि: इसी दिन हुई थी सृष्टि की शुरूआत शराब के नशे में धुत कलयुगी बेटे ने वृद्ध मां के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर उतारा मौत के घाट