इंदौर। प्रदीप चौधरी। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित नर्मदा पानी से हुई मौतों और बीमारियों के बाद लंबे समय तक बंद रहे नर्मदा जल आपूर्ति को लेकर नगर निगम ने आज बड़ा दावा किया था। निगम प्रशासन ने कहा कि सभी आवश्यक सुधार कार्य पूरे हो चुके हैं और आज दोपहर 12:30 बजे केवल टेस्टिंग के उद्देश्य से नर्मदा का पानी छोड़ा जाएगा। लोगों से अपील भी की गई कि वे अपने नल बंद रखें और पानी का उपयोग न करें।लेकिन जैसे ही टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा गया, निगम की तैयारियों की पूरी पोल खुल गई। एक प्रमुख स्थान पर पाइपलाइन को जोड़े बिना ही पानी का तेज बहाव शुरू कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि सड़क पर पानी की तेज धारा बहने लगी, जिससे पूरी सड़क पानी-पानी हो गई। कई घरों, दुकानों और गलियों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी बाल्टियों और पंपों से पानी निकालते नजर आए।सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि जहां पाइपलाइन जोड़ी ही नहीं गई थी, वहां गड्ढे को भी जल्दबाजी में मिट्टी-गिट्टी डालकर भर दिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि सुधार कार्य और टेस्टिंग दोनों ही बेहद सतही और गैर-जिम्मेदाराना ढंग से किए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों ने निगम की इस लापरवाही पर तीखी नाराजगी जताई है। एक निवासी ने कहा, “जब दूषित पानी से लोग मर रहे थे तब भी निगम सोया हुआ था, अब टेस्टिंग के नाम पर भी ऐसी लापरवाही! क्या यही है हमारा सुधारा हुआ नर्मदा जल?”निगम अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन घटना ने एक बार फिर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन दुखद घटना में जयपुर से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में सवार एक साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। इंदौर पुलिस की लगातार कार्रवाई: क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग मामलों में दो नशा तस्करों को किया गिरफ्तार, 20 ग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ जब्त